मैं फिर से जीना चाहती हूँ

मैं फिर से जीना चाहती हूँ

माधुरी बिस्तर से उठ ही नहीं पाई जो कल रात हुआ था, उसे तो यकीन नहीं हो रहा था कि इतना सबकुछ हो सकता है उसके साथ, लेकिन हिम्मत करके वो उठी और नहा धोकर चाय पीने लगी|             

इतने में डोरबेल बजी तो वो दरवाजा खोलती है, जो उसकी मेड मीता खड़ी थी सामने, जो कह रही थी ''क्या भाभी कबसे घंटी बजा रही हूँ और आप खोल ही नहीं रही सब ठीक है ना?''

माधुरी बस इतना ही बोली ,''हां सब ठीक है, तू जा अपना काम कर |''                                        

जब मीता ने घर की सफाई करी तो देखा सिगरेट के टुकड़े पड़े हुए है बेड के पास, तो वो सबकुछ समझ गयी और भाभी ( माधुरी) से जाकर बात करती है, कि भाभी ये सब इतना भयानक है आप कैसे जी पाते हो भैया के साथ छोड़ क्यों नहीं देते उन्हें आप? तो माधुरी बोली कुछ नहीं लेकिन मीता कहती है कि दिखाओ आपने हाथ, जब वो माधुरी का हाथ देखती है तो अवाक रह जाती है कि कितना बेदर्दी से हाथ जलाया हुआ था उनका, तो वो गुस्से से बोली भाभी आपको पुलिस में शिकायत कर देनी चाहिए भैया के खिलाफ, जब शिकायत होगी ना तब उन्हें दर्द का एहसास होगा, कब तक झेलोगी उन्हें छोड़ दीजिये और एक नई जिंदगी शुरू कीजिये, अपने पैरों पर खड़ी होइये और कुछ बन जाइए आप भाभी, नहीं तो मर जाएंगी आप यहाँ पर |              

माधुरी बोली हां मीता मैं भी यही सोच रही हूँ, कि मैं अब और नहीं सह सकती, क्योंकि मेरे साथ रोज़ ऐसे ही होता है जिसे मैं अब बर्दाश्त नहीं कर सकती इस भयावह वातावरण को|                    

और अगले दिन माधुरी अपना बैग पैक कर लेती है और अपने पति रिषभ से कहती है'' मैं तुम्हें तलाक दे रही हूँ और तुम्हारी ज़िंदगी से हमेशा के लिए जा रही हूँ, अब कोर्ट में मुलाकात होगी आपसे, आपकी काली करतूतों के साथ समझे।''ये कहकर माधुरी निकल जाती है और रिषभ देखता रह जाता है| 

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