माँ के भक्तों के लिए चैत्र नवरात्रि क्यों है खास?

माँ के भक्तों के लिए चैत्र नवरात्रि क्यों है खास?

जैसे कि सभी लोग जानते हैं कि एक वर्ष में कुल 4 बार नवरात्रि आते हैं। वर्ष में पड़ने वाले 4 नवरात्रों में से चैत्र और आश्विन नवरात्रि मुख्य माने जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन्हे वासंती और शारदीय नवरात्रि के नाम से जाना जाता है। 

हिंदू कैलेंडर के अनुसार इनका प्रारंभ चैत्र और आश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को होती है।चैत्र नवरात्रि को बड़ी नवरात्रि भी कहा जाता है। 


धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तुलजा भवानी बड़ी माता है तो वहीं चामुंडा माता छोटी माता कहलाती हैं। कहा जाता है बड़ी नवरात्रि को बसंत नवरात्रि तथा छोटी नवरात्रि को शारदीय नवरात्रि के नाम से जाना जाता है। हिंदू पंचांग के मुताबिक इन दोनों में लगभग 6 माह की दूरी होती है।


चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 02 अप्रैल से हो रही है और 09 अप्रैल 2022, शनिवार को महाअष्टमी पर्व है. इस दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा की जाती है।


महाअष्टमी के अगले दिन राम नवमी मनाई जाती है. राम नवमी इस बार 10 अप्रैल 2022,रविवार को मनाई जाएगी।


चैत्र नवरात्रों को अधिक खास इसलिए माना जाता है क्योंकि इसी दिन से चैत्र नवरात्रि से हिंदू नव वर्ष यानि कि नव सम्वत्सर (नये साल) की भी शुरुआत होती है।

नवरात्रि के नौ दिन मां के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है. पहले दिन माता शैलपुत्री की पूजन का विधान है. दूसरा दिन ब्रह्मचारिणी, तीसरा चंद्रघंटा, चौथा कूष्मांडा, पांचवां स्कंदमाता, छठवां कात्यायनी, सातवां कालरात्रि, आठवां मां महागौरी और नौवां दिन मां सिद्धिदात्री को समर्पित होता है।

विभिन्न वाहन की तरह इनकी पूजा-साधना पद्धतियां भी अलग-अलग होती हैं, इन्हें लगने वाला भोग का प्रसाद भी अलग-अलग होता है। 

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