माँ को बयां करती बॉलीवुड की 5 खूबसूरत कहानियां

माँ को बयां करती बॉलीवुड की 5 खूबसूरत कहानियां

1- मदर इंडिया (1957 ): महबूब खान निर्देशित मदर इंडिया की राधा (नरगिस दत्त ) त्याग और समर्पण की मूर्ति हैं | लेकिन इस माँ के अंदर की औरत उसे अपने औलाद के प्यार की वजह से सही और गलत में फर्क करने से नहीं रोकती हैं | माँ के परंपरागत प्यार से कही आगे जाती ये कहानी एक माँ और औरत को साथ दिखाती हैं | राधा अपने बच्चों के लिए सब दुःख सहने को तैयार हैं लेकिन एक औरत की इज्जत के लिए  अपनी औलाद को अपने हाथों से कतल करने को भी तैयार हैं |

 

२- मॉम (2017 ): देवकी (श्रीदेवी )अपनी दो बेटियों और पति के साथ एक खुशहाल परिवार को संभल रही हैं | लेकिन एक घटना और व्यवस्था द्वारा न्याय नकारे जाने पर देवकी के अंदर की माँ उसको वो रूप निकलती हैं जो अपनी औलाद के बदले के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं | श्रीदेवी ने देवकी के किरदार को पूरी शिद्दत से जीया | 

३- दसविदानिया (2008 ): फिल्म का मुख्य किरदार अमर (विनय पाठक ), की माँ सरिता जोशी ने एक ऐसी माँ का रोले किया जिसका बच्चा धीरे धीरे मौत के मुँह में जा रहा हैं | बेबसी के साथ जीवटता का इस बेहतर उदहारण कही और नहीं मिलता | दसविदानिया आपके दिल को हलके से छूटे हुए एक माँ और उसके बच्चे की कहानी बताती हैं | 

४-नील बट्टे सन्नाटा (2016 ): हर माँ अपने बच्चो के लिए अपने से बेहतर जिंदगी तलाश करती हैं, और उसे वो जिंदगी देने के लिए सब कुछ करती हैं  | कहानी है चंदा (स्वरा भास्कर) और उसकी बेटी अपु (रिया शुक्ल ) की | चंदा अपना सपना अपनी बच्ची अपु की नजर से देखती हैं और उसे एक प्रशासनिक अधिकारी बनाना चाहती हैं |  चंदा का संघर्ष और उसके सपने की सच होने की कहानी है निल बट्टे सन्नाटा | 

५- पा (2009  ):  बीमारी से ग्रसित औरो (अमिताभ बच्चन ) की माँ विद्या (विद्या बालन) की अपने बच्चे को बाकि बच्चो जैसी सामान्य जिंदगी देने की जद्दोजहद , एक माँ के सघर्षो को सही तरीके से बताती हैं | सिंगल मदर होने के बावजूद एक माँ का होंसला कभी भी कम नहीं होता हैं |

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