मेरी कृतियां

मेरी कृतियां

मम्मा 20 लोगों की खिचड़ी के लिए आज कटोरी चावल ले लूं क्या और उसमें दो कटोरी मूंग की दाल भी डाल दूं? नमक हल्दी और घी कितना डालना है , आप एक बार बता दीजिए तो में पड़ोस के आंटी को शाम का खाना भेज दूंगा?

फोन पर पूछता हुआ बेटा मुझसे बता रहा था कि पड़ोस वालों को करो ना हुआ है और उनके घर में खाना बनाने वाला कोई भी नहीं है। वह उनके लिए खिचड़ी और दही भेज रहा है। मैंने कहा ठीक है बस थोड़ी सावधानी रखना!


हां मम्मा मास्क पहनना है, खाना घर के बाहर रखना है, ग्लवज पहनना है,आकर नहाना है।फिर सनिटाइज करना है।ओर खाना कम तो नहीं रहा, या ओर कोई ज़रूरत हो तो वो हमे बता सकते है!यही कहना है ना फोन पर?


सुनकर मन ही मन खुद पर हंसी आ गई मुझे।ओर तसल्ली भी हुई की ये बेहद सुखद था।कभी कभी मन मैं एक प्रश्न आता था सबको छोटा था कि क्या मेरे बच्चे भी कभी खुद से किसी की मदद ये लिए आगे आएंगे वह भी लड़के होकर? आम घरों की तरह उन्हें भी उनके पिता के गुण विरासत में मिले हैं । मगर अक्सर मैंने देखा और आज फिर देख रही हूं कि उनमें दूसरों की मदद ,सेवा,ख्याल रखने जैसे स्त्री नहीं नहीं मानवीय गुण भी समाए है।यह बेहद सुखद है।


कहते हैं ना आपके कर्म पलटकर आते हैं ।ऐसे ही सदगुण नहीं मिल जाते । अगर आप निरंतर उनके समक्ष अच्छा उदाहरण प्रस्तुत करें तो स्वतः ही वो प्रेरित होंगे।क्यूंकि बच्चे अपने माता पिता का ही अनुसरण करते हैं। यदि आप अपना भविष्य सुरक्षित रखना चाहते है,चाहते है कि आपके बच्चे आपको वो सब कुछ दे जो आप चाहते है तो पहले हाथ आपको बढ़ाना चाहिए,कदम आ तियांनपको उठाना चाहिए।मेहनत तो है मगर सुख उससे कहीं ज़्यादा है।


तसल्ली है और विश्वास है कि वे सिर्फ बच्चे नहीं रहे! समझदार और मानवीय गुणों से परिपूर्ण मेरी कृतियां बन चुके हैं।❤️??

मदर्स डे

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