मेरी मोहब्बत (#वो बीते लम्हे)

मेरी मोहब्बत (#वो बीते लम्हे)

मेरी मोहब्बत (#वो बीते लम्हे)

याद है मुझे तुम्हारा,

झरोखे से देखना।

कभी छुप जाना ,

कभी नज़रे मिले,तो शर्माना।

वो नाम पुकारूं जो तुम्हारा,

तो गालों का सुर्ख लाल हो जाना ।

तेरी एक झलक पाने को,

मैं भी आता था।

एक मुस्कुराहट से तेरी ,

दिन मेरा बन जाता था।

पर,ना शब्द थे न थी जुबां,

खामोशियों ने बयां की,

दिल की दास्तां।

दुनिया के डर से कभी हाले दिल न रख पाया,

इज़हारे मोहब्बत कभी तुमसे ना कर पाया।

बस अब बीते लम्हों की यादें बाकी है,

तुझसे जुदाई के खलिश रहती है।

काश! कह पाता कि हो जाओ मेरी,

तेरे बिन दुनिया अधूरी है मेरी। 

                                                                                                                           

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