मेरा मूल्यांकन आखिर क्यों

मेरा मूल्यांकन आखिर क्यों

गृहिणी का नाम आते ही लोग, "अरे गृहिणी है, अच्छा घर का काम करती है। " ऐसे शब्दों का प्रयोग कर उसे नीचा दिखाने की कोशिश की जाती है । कामकाजी महिला से और मुझसे लोग तुलना करते हैं। क्या करती है बस घर का काम, झाडू, पोचा, रसोई का काम ।


जो मेरे बारे मे ऐसी धारणा रखते हैं उनको मैं कुछ कहना चाहती हूँ ,


अभिमान है खुद पर ,

हाँ मैं एक गृहिणी हूँ, 

एक मैं ही तो हूँ, 

जो मकान को, 

घर बनाती हूँ। 

सभी की परवाह कर

सभी के सपनें सजाती हूँ। 


मैं वही गृहिणी हूँ जो घर के कितने भागों का काम संभालती हूँ। वित्त, कानून, धर्म ,रक्षा ,संस्कृति, कितने विभाग है उनका कार्यभार में कुशलता से निभाती हूँ। फिर क्यों लोग कहते हैं मैं महज़ गृहिणी हूँ। 


बच्चों के सपने सजाने के लिए उनको संस्कारित कर उनमें आत्मविश्वास, दृढ़ता, का समावेश करती है।गलतियाँ करने पर अध्यापक की तरह डांट लगा कर सही राह दिखाती हूँ। 


बच्चे, पति जब मायूस हो जाते हैं नाते तब मै उनको चुनौतियां से लड़ने का हौसला देती हूँ। उनके संघर्ष,,मुसीबत, परेशानियों में ढाल बन मार्गदर्शक बन साथ निभाती हूँ। 


बच्चों को ,पति को अपने काम पर भेज कर मै लग जाती हूँ घर को सहेजने में, सजाने में, लग घर को अपनी प्रतिभा से,अपनी कला से सुसज्जित करती हूँ। बच्चों के कपड़ का दाग मिटा सभी के भाग्य को मै ही चमकाती हूँ। 


दौडती रहती हूँ सुबह से लेकर शाम तक पर खुद को ही भूल जाती हूँ। समर्पण ,बस समर्पण करती हूँ। अच्छा लगता है मुझे ये सब करना। मुझे इसमें ही खुशी मिलती है। घड़ी की सुईयों की तरह भागते हुए शाम होते ही बच्चों के, पति के इन्तजार में घर की चौखट पर आ इन्तजार में ....लग जाती हूँ। 


थके हारे बच्चों के लिए मैं संजीवनी बन जाती हूँ। गरमागरम खाना प्यार से खिला अपनी गोदी में सुला ममता लुटाती हूँ। 

फिर क्यों सब मेरा मूल्यांकन अपने अपने तरीके से करते है ।मैं नहीं चाहती कि मेरा कोई मूल्यांकन करें। मैं जैसी हूँ वैसी ही अच्छी हूँ। मैं तो अपने घर की मजबूत छत हूँ, जिसकी छाँव में हम सभी प्यार से रहते हैं। महफ़ूज रहते है।

मुझे कोई सर्टिफिकेट नहीं चाहिए कही से।बच्चों के चेहरे पर मुस्कान, पति के चेहरे पर शान्ति, यही सबसे बड़ सर्टिफिकेट है मेरे लिये। 


मुझे अपने परिश्रम का कोई हर्जाना नहीं चाहिए। मै तो एक कुशल गृहिणी हूँ जो घर और बाहर उचित समायोजन कर चलती हूँ। मै तो परिवार के निर्माण की धुरी हूँ, इसलिए.....मेरा मूल्यांकन करने की भूल ना करें। 


डाॅ राजमती पोखरना सुराना भीलवाड़ा राजस्थान 


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