नहीं भूलता वह दिन

नहीं भूलता वह दिन

अपने पहले पीरियड की याद करते ही सिहर उठती हूँ । यह वो ज़माना था जब, इस तरह की बातों को करना घरों में वर्जित समझा जाता था । उन दिनों टेलीविज़न और मोबाइल न होने से इस तरह की बातों के लिए हमारा ज्ञान भी शून्य था । 

मुझे याद है, जब मैं कक्षा पाँच में पढ़ती थी तो एक दिन लंच ब्रेक में मेरी एक सहेली ने बताया “ कल मैंने अपनी मम्मी के नीचे ख़ून की धार देखी “ शायद उसकी मम्मी का घर में ही दुर्घटनावश गर्भपात हो गया था । मैंने अपनी बाल सुलभ बुद्धि के बल पर कहा “ तुम्हारी मम्मी को पेट में फोड़ा हो गया होगा “ इस पर वह हँस कर बोली, “ हर औरत को हर महीने ख़ून गिरता है...तू कितनी बेवक़ूफ़ है...तुझे इतना भी नहीं पता ?” परन्तु मैं अपनी बात पर अडिग रही और बोली “ मेरी मम्मी को तो कोई ख़ून नहीं गिरता “ 

मेरी बेवक़ूफ़ी देखिए, न जाने किस हिचक के कारण या मम्मी के डर से, मैंने मम्मी से इस बारे में कोई बात नहीं की । 

ऐसी ही बेवक़ूफ़ झल्ली सी मैं, जब कक्षा आठ में पढ़ रही थी तो मेरा पहला पीरियड हुआ । मैं उस समय स्कूल में ही थी । अंतिम दो विषयों की कक्षाएँ बाक़ी थीं । मुझे थोड़ा गीलापन महसूस हो रहा था । अध्यापिका ने अचानक मुझे किसी प्रश्न का उत्तर देने के लिए खड़ा किया । जैसे ही वे अध्यापिका कक्षा के बाद बाहर गईं, मेरी पीछे की सीट पर बैठने वाली दोस्त ने मेरे कान में फुसफुसा कर कहा “ अंशु, तेरे कुर्ते में पीछे ख़ून लगा है...तुझे तो पीरियड हो गया “ तब तक मेरी अग़ल बग़ल बैठने वाली दोस्तों ने भी सुन लिया और बोलीं “ ज़रा खड़ी हो जा...देखें तो कहाँ ख़ून लगा है ?” अब तक तो मैं रो पड़ी और रोते रोते बोली “ मुझे पता नहीं कैसे यह बीमारी हो गई...अब मेरा क्या होगा ? 

मेरी दोस्तों ने अपने अपने दुपट्टे में लगी सेफ़्टी पिन निकालीं और मेरे दुपट्टे को पीछे से खोल कर दाग़ छुपाते हुए सेफ़्टी पिन लगा दीं । तब तक अगली अध्यापिका कक्षा में आ चुकीं थीं । उन्होंने मुझे रोते देख तुरन्त दो लड़कियों के साथ स्टाफ़ रूम में भेजा । 

यहाँ यह बताना आवश्यक है, जिस विद्यालय में मैं पढ़ती थी, मम्मी उसी स्कूल की प्रधानाध्यापिका थीं । उस समय स्टाफ़ रूम में मम्मी भी बैठीं थीं । उन्होंने तुरन्त अलमारी से पैड निकाल कर दिया और उसे लगाने का तरीक़ा भी बताया । फिर मैं छुट्टी होने तक स्टाफ़ रूम में ही बैठी रही ।

घर पहुँच कर मम्मी ने न केवल पीरियड बल्कि पूरे प्रजनन तंत्र के बारे में विस्तार से समझाया । 

मैंने अपने साथ घटित हुई घटना से सबक़ लेते हुए अपनी बेटी को पीरियड, गुड टच बैड टच इत्यादि के बारे में तब से बताना आरम्भ कर दिया, जब वह बहुत छोटी थी । 

 #MyFirstPeriod

अंशु श्री सक्सेना

मौलिक/स्वरचित

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