नीना गुप्ता ने कहा- सिंगल मदर बनना ब्रेवरी नहीं

नीना गुप्ता ने कहा- सिंगल मदर बनना ब्रेवरी नहीं

बॉलीवुड दिग्गज अदाकारा नीना गुप्ता फिल्म इंडस्ट्री में एक लंबा सफर तय कर चुकी हैं. इस दौरान उन्होंने हर तरह के चैलेंजिंग रोल्स को बखूबी पर्दे पर उतारा है।

लीक से हटकर चलना किसे कहते हैं, यह जानना हो तो अदाकारा नीना गुप्ता की कहानी पढ़नी चाहिए।

नीना गुप्ता ने अपनी किताब 'सच कहूं तो' पर शुक्रवार को JLF (जयपुर लिट्रेचर फेस्टिवल) में बात की। 

नीना ने कहा- एक डायरेक्टर ने उन्हें होटल में काम पर बात करने के लिए बुलाया था। इस दौरान नीना ने डायरेक्टर के साथ कॉमप्रोमाइज करने से मना कर दिया। इसलिए वे 'कास्टिंग काउच' का शिकार होती-होती बच गईं।


उन्होंने कहा कि कोई भी किसी को कुछ करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता। जब तक आप खुद न चाहें तब तक। 

डायरेक्टर के बुलाने पर लॉबी में वेट नहीं करना और रूम में मिलना मेरी गलती थी। कोई कुछ करने के लिए आपको फोर्स नहीं करता। ये आप पर निर्भर करता है कि किस हद तक जाने के लिए तैयार हैं। 'कास्टिंग काउच' हर जगह है। 

सिंगल मदर बनने पर नीना ने कहा कि एक सिंगल मदर होने की वजह से उन्हें काफी कुछ झेलना पड़ा. नीना बताती हैं, पार्टी में सहेलियों के पति से ज्यादा देर बात करने पर वे इनसिक्योर फील करने लगती थीं. हर कोई उन्हें सिंगल देख कर समझता था कि वो अवेलेबल है. सच कहूं तो अब ये अहसास होता है कि ये कोई ब्रेवरी नहीं, जवानी का जोश था।


नीना गुप्ता हमेशा से ही अपनी फिल्मों से ज्यादा अपने बोल्ड फैसलों को लेकर चर्चा में रही हैं। अब नीना गुप्ता अपनी ऑटोबायॉग्रफी 'सच कहूं तो' को लेकर सुर्खियों में हैं। इस किताब में नीना ने अपने बारे में कुछ ऐसे सनसनीखेज खुलासे किए हैं जो अभी तक किसी को नहीं पता थे।

नीना गुप्ता ने कहा कि कुछ साल पहले चले 'मी टू' अभियान के बाद कई खुलासे भी हुए। बिना डरे कई युवतियों ने आगे आकर अपनी पीड़ा को सबके समक्ष रखा। 'मी टू' अभियान के बाद लोगों में भय व्याप्त हुआ है। 

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