नेस्ले कम्पनी ने क्यों मार्केट से हटाए किटकैट के पैकेट? ऐसा क्या था इस चॉकलेट में?

नेस्ले कम्पनी ने  क्यों मार्केट से  हटाए किटकैट के पैकेट? ऐसा क्या था इस चॉकलेट में?

मल्टीनेशनल कंपनी नेस्ले (Nestle) इन दिनों विवादों के घेरे में है।


स्विट्जरलैंड की बहुराष्ट्रीय कंपनी नेस्ले (Nestle) को भारतीय बाजार से अपने लोकप्रिय चॉकलेट ब्रांड किटकैट (KitKat) के डिब्बों को वापस मंगाना पड़ा। कंपनी पर लोगों की धार्मिक भावनाओं को भड़काने का आरोप लगा था।


क्यों? आइए बताते हैं...


दरअसल नेस्ले ने किटकैट (Kitkat) ब्रांड चॉकलेट के रैपर पर भगवान की तस्वीर छापी थी. इसे लेकर लोगों ने ट्वीटर पर कंपनी को ट्रोल किया, जिसके बाद सोमवार को कंपनी ने माफी मांग ली. इसके साथ ही कंपनी ने कहा कि वह इस तरह के सारे प्रॉडक्ट को मार्केट से वापस मंगा रही है।

नेस्ले कंपनी की किटकैट चॉकलेट के रैपर पर भगवान जगन्नाथ और बालभद्र की तस्वीरें आने के बाद इस पर कई राज्यों, खासतौर से ओडिशा में काफी एतराज जताया गया. ओडिशा के हजारों लोगों ने ट्विटर पर इसको लेकर कंपनी को टैग किया और इन तस्वीरों को लेकर गुस्सा दिखायाआपत्ति जताने वालों ने कहा कि लोग चॉकलेट खाने के बाद रैपर सड़कों, नालियों या डस्टबिन में फेंक देते हैं. इस कारण कंपनी को रैपर से भगवान जगन्नाथ, भगवान बालभद्र और माता सुभद्रा की तस्वीर हटानी चाहिए।


नेस्ले इंडिया ने इस पर अफसोस जताते हुए कहा कि उसने तुरंत कदम उठाते हुए उन डिब्बों को बाजार से वापस मंगा लिया जिनपर ये तस्वीरें लगी थीं। कंपनी के प्रवक्ता, ‘हम मामले की संवेदनशीलता को समझते हैं और अगर अनजाने में हमने किसी की भावना को ठेस पहुंचाई है, तो हमें उसका खेद है। हमने पिछले साल ही उन डिब्बों को बाजार से वापस ले लिया था।’

नेस्ले इंडिया ने कहा कि इसका उद्देश्य केवल देश के खूबसूरत और दर्शनीय स्थलों को उकेरना था। डिब्बे पर पट्टचित्र के जरिये ओडिशा की संस्कृति को उकेरा गया था। इससे पहले पिछले साल अप्रैल में कंपनी ने अपने किटकैट चॉकलेट पैकेट पर मणिपुर के कीबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान को मेघालय में दिखाए जाने के लिए माफी मांगी थी। राज्य सरकार के अधिकारियों की आपत्ति के बाद कंपनी ने यह कदम उठाया था।

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