पति के आशिकमिजाज दोस्त

आलिया  पार्लर में तैयार हो रही थी , तभी उसकी बहन जूही दौड़ी दौड़ी आयी “आलिया जल्दी करो ..जीजू बारात लेकर दरवाज़े पर आ भी गए है … “अरे इतनी जल्दी आ गयी बारात ,मेने तो सुना था दिल्ली की बारात 11 बजे से पहले नही आती ,पार्लर वाली ने हँसते हुए कहा … तुम चलो मैं तुम्हारी बहन को जल्दी तैयार करती हूं ।

पति के आशिकमिजाज दोस्त

आलिया  पार्लर में तैयार हो रही थी , तभी उसकी बहन जूही दौड़ी दौड़ी आयी “आलिया जल्दी करो ..जीजू बारात लेकर दरवाज़े पर आ भी गए है … “अरे इतनी जल्दी आ गयी बारात ,मेने तो सुना था दिल्ली की बारात 11 बजे से पहले नही आती ,पार्लर वाली ने हँसते हुए कहा … तुम चलो मैं तुम्हारी बहन को जल्दी तैयार करती हूं । मयंक का स्वागत हुआ वो स्टेज पर बैठा हुआ आलिया के आने का इंतज़ार कर रहा था । आलिया बहुत ही सुंदर थी ,तभी तो मयंक ने पहली ही बार मे उसे पसंद कर लिया आलिया के मुकाबले मयंक एक साधारण रूप रंग का लड़का था पर बहुत ही सुशील और साफ दिल का एक सरकारी कंपनी में इंजीनीयर ।

जयमाला की रस्म शुरू होने को थी.. आलिया स्टेज की तरफ आयी उसका रूप बहुत ही निखर कर आया था हर कोई उसे देखकर यही कह रहा था …”भाई दुल्हन तो बहुत सुंदर है दूल्हे के तो भाग्य खुल गए “

आलिया ने स्टेज पर कदम रखा मयंक उसे देखकर मुस्कुरा दिया आलिया भी शर्मा गयी …तभी मयंक के पास खड़ा उसका एक बहुत ही हैंडसम दोस्त बोला “भाभी जी आप को बहुत सीधा और सच्चा बंदा मिला है । आलिया और मयंक ने एक दूसरे के जयमाला डाली … मयंक का दोस्त दोनो के बीच मे फ़ोटो खिंचवाने बैठ गया , उसने आलिया के हाथ के ऊपर हाथ रखकर कहा बधाई हो  भाभी जी ।

आलिया ने झटके से अपना हाथ पीछे खींच लिया.. उसे उस लड़के का स्पर्श करना कुछ अटपटा सा लगा ।

 पूरी शादी में वो लड़का मयंक के साथ ही रहा। विदा की घड़ी भी आ गयी .आलिया ने देखा कि मयंक का वही दोस्त ड्राइव कर रहा है … उसने गाना ऑन किया ” तेरे चेहरे में वो जादू है तेरी ओर खिंचा जाता हूं “

आलिया को उसका व्यवहार बहुत अटपटा लग रहा रहा था ।

आलिया ससुराल आ गयी .उसका स्वागत पूरे रीति रिवाज से हुआ . रात हो गयी वो अपने कमरे में बैठी थी मयंक आया …

दोनो की अरेंज मैरिज थी इसलिए दोनो ही एक दूसरे से सकुचा रहे थे …

थोड़ी देर में आलिया ने हिम्मत कर के पूछा ” वो कौन था जो आपके साथ साथ था ?

“अरे तुम रोहन की बात कर रही हो , वो तो मेरा बचपन का दोस्त है। हम साथ पढ़े है ,और वो भी मेरे आफिस में ही मेरे साथ इंजीनीयर है। बिल्कुल भाई जैसा है मेरा, वो हमारे घर के सदस्य जैसा है … बस थोड़ा मजाकिया है पर दिल का बहुत अच्छा है।

पर मुझे वो कुछ सही नही लगा आलिया ने मयंक से कहा ..

अरे तुम बेकार ज्यादा सोच रही हो .. रोहन ऐसा नही है तुम चिंता मत करो ।

आलिया  भी मयंक की बात मान कर चुप हो गयी ।

आलिया की शादी को एक महीना हो गया था ।आज होली का त्यौहार था .अपने साजन के साथ पहली होली आलिया  बहुत ही रोमांचित थी … घर की छत पर होली खेलने का इंतज़ाम था ।रंग , गुलाल , DJ , और पकवान सभी का इंतज़ाम किया गया था ।बहु की पहली होली थी आलिया  के घरवालों को भी बुलाया गया था ।

सभी खूब मस्ती में थे .आलिया  ने चुपके से मयंक के गालों को गुलाल से रंग दिया ..मयंक भी उसे रंग लगाने को दौड़ा आलिया भागी और भागते – भागते एक नशे में धुत लड़के से टकरा गई … सॉरी भईया …

अरे सॉरी किस बात की भाभी जी आज तो आप बहुत गज़ब ढा रही हो । “होली मुबारक”  कह के उसने आलिया  को बाहों में जकड़ लिया और गाल पर किस कर दिया ।

आलिया  एकदम चिल्लाई बदतमीज़ लड़के छोड़ो मुझे …

तभी मयंक दौड़ता हुआ आया ” अरे आलिया  क्या हुआ  ?डरो नही ये तो अपना रोहन है ।

आलिया ने एक ज़ोरदार थप्पड़ रोहन के गाल पर जड़ दिया चारों ओर सन्नाटा छा गया मयंक भी आवाक रह गया ।

शर्म नही आती आपको मज़ाक की भी हद होती है। एक सच्चे दोस्त की पत्नी के साथ ऐसा व्यवाहर छि : घिन आती है आपकी परवरिश पर .आपने अपने दोस्त से कुछ नही सीखा ?आलिया गुस्से में बोले जा रही थी …

रहने दो आलिया  रोहन को माफ कर दो ये वैसा नही है जैसा तुम समझ रही हो मैं इसे बचपन से जानता हूं मयंक बोला ।

मयंक तुम जानते नही इसने शादी वाले दिन भी मेरे साथ गलत हरकत की थी ।तब मैं चुप रही ,एक लड़की नज़रों से समझ जाती है , कि कोई उसको किस नज़र से देख रहा है ?फिर आज तो इसने हद ही कर दी ।रिश्तों की भी कोई मर्यादा होती है ।हर इंसान को अपनी हद में रहना चाहिए ।

मयंक किसी पर भी आंख बंद करके विश्वाश नही करना चाहिए। दोस्ती अपनी जगह है , किसी भी दोस्त को ये अधिकार नही की वो किसी की पत्नी को गलत नज़र से देखे।अपनी पत्नी की बातों पर भी ध्यान देना चाहिए ।किसी भी बात को हल्के में नही लेना चाहिए , और ना ही अपने दोस्त पर अंधा विश्वाश करना चाहिए ।

आज मयंक को अपनी पत्नी की बातों से ये सबक मिल गया था , कि अपने दोस्तों को ज्यादा छूट नही देनी चाहिए ।

“दोस्तो पर अंधा विश्वाश आपके  घर का विनाश कर सकता है” जरा सोचिए ।

 आपकी सखी 

अन्तिमा सिंह 

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