केटेगरी : Mental Health And Well being

अपने हिस्से का मै आसमान चाहती हूं

अपने हिस्से का मै आसमान चाहती हूंएक टुकड़ा बादल और थोड़ी हवाएं चाहती हूंचंद तारों की टिमटिमाहट चाहती हूंचांद , सूरज की चाह नहीं मुझेचंद कतरे  धूप के मैं खिड़की पर चाहती हूं ,चंद बूंदे चांदनी के मैं हाथों...

और पढ़ें

हो रहा है प्यार जो, तो होने दे इसे

किस बात पे तू हैरान  है ?किस बात पे तू परेशान है ?हो रहा है प्यार जोतो हो जाने दे इसे।प्यार ही तो है;कोई गुनाह तो नहीं?खुद पर शर्मिंदा होने की ये कोई वजह  तो नहीं?जिंदगी यह तेरी ही है;चुरा...

और पढ़ें