Kamlesh Ahuja

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 12 months ago

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अजीबो गरीब लोग

कैसे-कैसे अजीबो गरीब लोग यहाँ पर दिखते हैं, ईर्ष्या,द्वेष व स्वार्थ इनके व्यवहार में झलकते हैं। अपने मतलब के लिए ये मित्रता का हाथ...

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माँ की व्यथा

एक माँ नौ महिने अपनी कोख में बच्चे को रखती है और अथाह प्रसव पीड़ा सहकर उसे इस दुनिया में लाती है।तकलीफ उठाकर उसका लालन पोषण करती है।यही...

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चाँद तारों सी तुम चमकती रहो

तुम्हें आज यूँ फलता फूलता देखकर मुझे बहुत खुशी होती है।लगता है जैसे कल की बात हो,तुम छोटी सी थीं और देखते ही देखते कब इतनी बड़ी हों...

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कमजोर नहीं मैं ताकत हूँ

बचपन से ही मैं पढ़ाई में होशियार थी।इसके साथ-साथ पेंटिंग कढ़ाई और घर के कामों में भी निपुण थी।ईश्वर की कृपा से दिखने में भी सुंदर थी।मुझे...

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दर्द अजन्मी बेटी का

जन्म से पहले ही क्यों, मेरे अस्तित्व को नकार दिया। मैं तो थी माँ अंश तुम्हारा, क्यों मेरा परित्याग किया।

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अदरक वाली चाय

जब भी सर्दी का मौसम आता है,तो अपने साथ कुछ दर्द भरे एहसासों को भी लाता है।पति की बहुत याद आती है।उनके संग बिताया हुआ हर लम्हा जीवंत...

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यादगार लोहड़ी

जब भी सर्दियों का मौसम आता है,तो सर्दी के साथ साथ कुछ ऐसी प्यारी सी यादें भी अपने साथ लेकर आता है जिनकी गर्माहट आज भी तन में महसूस...

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कुछ तो ऐसा अच्छा कर जाओ

प्रिय 2020 आशा करती हूँ सबको हैरान परेशान करके तुम खुश होगे।तुम्हारे आने की कितनी तैयारी की थी हम सबने।किसी ने केक काटा तो किसी ने...

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नारी तू एक पर रूप अनेक धरती है

रिया के ऑफिस में काम करने वाले सभी सहकर्मी पढ़े लिखे और सभ्य थे।अधिकतर उसकी तरह बाहर से उस शहर में नौकरी करने आए थे।पर एक सहकर्मी जिसका...

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सजना है मुझे सजना के लिए

पूजा अर्चना के साथ साथ महिलाओं में श्रृंगार को लेकर काफी उत्साह रहता है।इस खास दिन को यादगार बनाने के लिए वो कोई कसर नहीं छोड़ना चाहतीं।रोजाना...

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