Preeti gupta

Preeti gupta

 2 years ago

मुझे पढ़ने और लिखने का शौक हैं अपने भावों को लिख कर व्यक्त करती हूँ ।

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हिन्दी हमारी पहचान और धरोहर

हिन्दी जितनी सरल सहज और मृदुभाषी है।उतना ही इसका स्वरूप निराला है।ये हमारी मातृभाषा तो है।मगर हिन्दुस्तानियों के दिलों में राष्ट्रभाषा...

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जीवन को देती सकारात्मक सोच

इस पुस्तक में जीवन से जुड़े हर कठिन पहलू को बारीकियों से दूर करने का प्रयास किया है ।लेखक ने अपने विचारों से प्रेरणादायक कहानियों...

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भारत की पहली सत्याग्रही महिला सुभद्रा कुमारी...

सुभद्रा कुमारी चौहान सरल,सहज व राष्ट्र भक्ति से ओत-प्रोत हिन्दी की सुप्रसिद्ध कवयित्री व लेखिका थी।वह प्रथम महिला थी ,जो 'गांधी जी'...

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मैं तेरे घर की सोन चिरैया  माँ-बाबा की लाडली...

एक बेटी अपनी माँ से कहती है कि मेरी बस इतनी-सी ख्वाईश है तुम्हारे घर में एक छोटा सा कोना चाहती हूँ

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जीवन के दोस्त

हमारे जिन्दगी में बचपन से लेकर उम्र के हर पड़ाव पर दोस्त हर रूप में मिलें है।

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ख़्वाहिशें

औरत को समाज में कितनी परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है ।कितनी परीक्षा देनी पड़ती है हर पग पर।क्या ऐसा जहाँ हो नहीं सकता है।जहाँ औरत...

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श्रद्धा सुमन अर्पित

एक ऐसा  इंसान जो अपनी मिट्टी से जुड़ा हुआ था ।जिसने सिने जगत के मायने बदल दिये।ये वो दौर था।जब कमर्शियल फ़िल्में बना करती थीं ।तब...

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ठगी गई माँ

एक माँ आज फ़िर ठगी गई ..... माँ होकर भी माँ नहीं, जन्म तो  दिया,पर परवरिश नहीं । ये क़लाम जब माँ को मिला! वो अन्दर तक टूट गई ,

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