Ruchi Sri

Ruchi Sri

 2 hours ago

शांत और धीमी रफ्तार से निरंतर पथ पे चल रही हूं मैं, किसी दौड़ का हिस्सा नहीं हूं , ज़िन्दगी ईमानदारी से जी रही हूं मैं।

Member since Mar 20, 2020 [email protected]

खट्टा मीठा - एक सदाबहार कॉमेडी

इस फिल्म का संगीत बेहद शानदार है और आज भी सदाबहार है। थोड़ा है थोड़े की ज़रूरत है, तुमसे मिला था प्यार कुछ अच्छे नसीब थे,

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राखी का तोहफा

जी,भाई हूं उसका "- दिनेश बोला। " चलिए फिर कुछ टेस्ट कर लेते हैं।अगर सब बढ़िया रहा तो कल शाम तक ऑपरेशन हो जाएगा

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गोलमाल- एक सदाबहार कॉमेडी

इस फिल्म को भी अगर हम मनोरंजन की दृष्टि से देखें तो ये एक साफ सुथरी और सरल फ़िल्म है जो दर्शकों को बांधे रहती है

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चुपके चुपके - एक शुद्ध हास्य

जीजा जी का बार परेशान होकर कहना - What nonsense एक्टर क्या है डायरेक्टर के हाथ की कठपुतली। जो है वो नहीं है और जो नहीं है वो,वो कैसे...

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हर बच्चा ख़ास है - तारे जमीं पर

हर बच्चा खास है हम हर बच्चे को एक तराजू पे नहीं तौल सकते।किसी में कोई प्रतिभा होती है किसी में कोई दूसरी। हर क्षेत्र में अव्वल होना...

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इंग्लिश विंग्लिश और भारतीय सोच

मुझे ऐसा लगता है कि ये फिल्म समाज को ये संदेश जरूर देती है कि शिक्षा अर्जित करने की कोई उम्र नहीं होती और भाषा का ज्ञान होना अच्छी...

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मेरा अनोखा रक्षा बंधन

मुझे आज भी याद है कि रक्षाबंधन आते ही हर कोई त्योहार की तैयारी में जुट जाते थे।मेरी बुआ जी लोगों की राखी आ जाती थी ।स्कूल में सब इसी...

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गुड्डी....एक प्यारी सी कहानी

ज्यादातर  युवक युवती जब किशोरावस्था में कदम रखते है किसी न किसी अभिनेता या अभिनेत्री की तरफ आकर्षित हो जाते हैं।और सही गलत का फर्क...

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स्त्री की सशक्तिकरण की कहानी

मेरी कई पसंदीदा फिल्म है और आज मैं आपके सामने उस मूवी के बारे में बात करूंगी जो 1985 में जे ओम् प्रकाश के निर्देशन में रिलीज हुई थी...

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बहू का घर

बड़े से कमरे में रिश्तेदार हंसी ठहाके मार रहे थे । एक तरफ ढोलक की थाप पर नाचते लड़के लड़कियां मजे कर रही थे तो कहीं दूसरी तरफ घर के...

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