Sarika Rastogi

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 1 year ago

जज्बातों को काबू करना हो या व्यक्त करना हो खुद को,,,, मैं लिख लेती हूँ ,,,,लेखन पूजा है मेरे लिए जिसके बिना सुकून नहीं !!

Member since Mar 19, 2020

एक प्रेम ऐसा भी

प्यार  प्रेम दोस्ती मित्रता ।क्या सच में प्रेम आत्मिक भी होता है ।क्या सच में सात्विकता होती है प्रेम में।क्या किसी के बचपन का अल्हड़...

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आम से खास बनाने के लिए तुम्हारा शुक्रिया

प्रिय मंच ढेर सारा स्नेह कुछ शब्द जो दिल में थे आज खत के माध्यम से व्यक्त करना चाहती हूँ । कहते हैं न कभी किसी से मिलकर ऐसा लगता है...

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अप्पदीपोभव

जीवन के कुछ पल ऐसे होते हैं जो आप कभी नही भूल पाते जहाँ से आपको सीख मिलती है और हमेशा के लिए समझ भी।ऐसा ही मेरे साथ भी हुआ।बड़े बेटे...

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बदलता मौसम बदलते रिश्ते

किसी ने कहा मौसम है सर्द  चलो कुछ पल धूप में बिता लें  लगी है सीलन जो अहम की रिश्तों में बैठें थोड़ी देर संग-साथ वो शिकवे मिटा दें...

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मन की न कहपातीं स्त्रियाँ

अधिकांशतः आज भी मन की न कह पाती स्त्रियाँ जो कह दें बेधड़क जो छिपा सीने में उनके तो बद्तमीज संस्कारहीन कुसंस्कारी कहलाती स्त्रियाँ।।

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माँ का अंगना और उतरती धूप

मम्मी........मम्मी ...........  मम्मी  चल रिंकू तू जा ऊपर चाबी लेने आज फिर ताला लगा है नीचे का। क्या दी..... कभी खुद भी जाया करो ऊपर...

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मन की बात 2020 तुम्हारे साथ

प्रिय 2020 दिसम्बर माह चल रहा है दिन गुजरते जा रहे हैं तुम्हारी विदाई बहुत नजदीक है। आज सच में तुमसे बहुत कुछ कहने को जी चाह रहा है।...

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