Sarika Rastogi

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 2 years ago

जज्बातों को काबू करना हो या व्यक्त करना हो खुद को,,,, मैं लिख लेती हूँ ,,,,लेखन पूजा है मेरे लिए जिसके बिना सुकून नहीं !!

Member since Mar 19, 2020

गर्मी की छुट्टियाँ और प्यारी सखी

हैलो फ्रैंडस ! फ्रैंडस ,सखियाँ ,दोस्त नाम सुनते ही हमारे चेहरे पर एक अलग मुस्कान आ जाती है। जैसे इस समय आप सबके चेहरों पर खिल उठी...

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मेरे जीवन में घटित वृन्दावन धाम में एक चमत्कार...

ईश्वरीय शक्ति पर हम सभी को आस्था और विश्वास है।मैं हिन्दू परिवार से हूँ और सनातन धर्म को मानती हूँ। आप  पाठकों में से काफी लोगो ने...

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मेरी प्रिय पुस्तक श्रीमती सुभद्राकुमारी...

सुभद्रा जी की कहानियों की विषेशता  यह है कि इनकी भाषा बहुत ही सुलझी ,साफ सुथरी सरल और सहज है।जब कोई भी कहानी हम पढ़ते हैं तो उस कहानी...

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हिन्दी तुम बिन अधूरी मैं

अपने देश वहाँ की भाषा,सभ्यता और संस्कृति से प्रेम करने वाली लड़की की कहानी।

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कवयित्री लेखिका व स्वतन्त्रता सेनानी मेरी...

सुभद्रा कुमारी चौहान जितना उनको पढ़ा उनके लिये मन में श्रद्धा और सम्मान बढ़ता गया उनसे हिन्दी साहित्य को सीखने की इच्छा और प्रबल हो...

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रही मैं आपकी बहू माँ कभी बेटी न बन पाई

बहुत कोशिश की माँ मैं मम्मी जी से "माँ" पर आऊँ अपने छोटे छोटे सुख दुख आपसे बयाँ कर पाऊँ बनूँ रामायण की उरमिला जैसी भले ही सिय न बन...

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अच्छा लगता है

सुबह की हड़बड़ी में समेटे नही हैं बिस्तर  जो चाय लेकर वह आये  ,कमरा हो सिमटा सिमटा  तो अच्छा लगता है।

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दर से पहले दिल में सहारे का बिछौना चाहती...

एक स्त्री का जब अपने पति से सानिध्य छूटता है तब वह अपने मायके और ससुराल से हृदय से सामीप्य चाहती है ।वह उम्र चाहे चालीस हो या पचास...

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मन के शोर को मन में रखा करती हूँ

मन के शोर को मन में रखा करती हूँ हाँ अक्सर मैं चुप रहा करती हूँ।

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