Sarika Rastogi

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 2 years ago

जज्बातों को काबू करना हो या व्यक्त करना हो खुद को,,,, मैं लिख लेती हूँ ,,,,लेखन पूजा है मेरे लिए जिसके बिना सुकून नहीं !!

Member since Mar 19, 2020

तुम जो आये जिंदगी में बात बन गई

टाइटल पढ़कर कुछ अजीब लग रहा होगा पर मेरा यानि कृष्णा का फर्सट पीरियड का अनुभव ही कुछ ऐसा है। मैं छोटे से कस्बे में बिन माँ की बच्ची...

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मेरी गलतियाँ - भाग-2

बहुत पाठिकाओं ने उत्सुकता व्यक्त की थी मेरी कहानी के पात्र राजवीर और राधिका के जीवन से शंकाओ का कोहरा छटा या नही क्या राजवीर को अपनी...

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कभी देखा ही नही तुम्हे

कितनी आसानी से कह दिया तुमने भूल जाओ मुझे मैने उन नजरों से कभी देखा ही नही तुम्हे !! कैसे भूलूँ !! जब मेरे कपकपाते हाँथो में

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