Shweta Chauhan

Shweta Chauhan

 5 months ago

Member since May 11, 2020

मेरे वतन मेरे हिंदोस्तां

ऐ मेरे वतन, ऐ मेरे हिंदोस्तां,  क्या लिखूं मै तेरी दास्ताँ,  यूँ तो हैं हजारों शौर्य गाथा यहाँ, पर,  शहीद ए आज़म भगत सिंह, वीरांगना...

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खुशियाँ है तेरी भी अनमोल

इन दो गहरी झीलों में कुछ तो है,  मैने देखा है,  जो भी है उसे बह जाने दे,  कौन है जिसने तुझे रोका है,  आने दे सैलाब, खुद को डूब जाने...

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गर्व है मै नारी हूँ

है सूर्य सुलगता,  उसकी अग्नि ऊष्मा देती, जीवन देती समस्त संसार को । किरणें उसकी नित नया सवेरा लाती,  करती रौशन धरा को । चंदा सूर्य...

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प्यारे पिंक तुम बहुत खास हो

प्रिय पिंक कामरेड, शुक्रिया मुझे मुझसे मिलाने के लिए, मेरा खोया आत्मविश्वास लौटाने के लिए,  मेरे अंदर छुपी लेखिका को सामने लाने के...

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प्रेम की शक्ति

ये बात उन दिनों की है जब मै भूगोल विषय से स्नातक की अन्तिम वर्ष की  पढ़ाई कर रही थी ।इत्तिफाक से एक पब्लिक स्कूल में मेरी जॉब लग गई...

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रिपुदमन तुम्हें ह्रदय से नमन

ह्रदय से है नमन उन युद्ध वीरों को, जो सीमा पर खड़े हैं,दिन रात डटे हैं  चाहे हिमपात हो, या हों लू के थपेडे, या  सहस्त्रों शत्रु हो...

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सपने

ये ज़िन्दगी है सपनों का बाज़ार, लगा है सपनों का अम्बार । छोटे सपने,बड़े सपने, कहीं सस्ते तो कहीं मंहगे सपने ।

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ट्रेन की सवारी यादगार सवारी

दिसंबर का महीना साल का आखिरी महीना,लेकिन बर्फीली शीत ऋतु की शुरुआत का महीना ।अनगिनत, अनमोल यादोँ का महीना ।बहुत ही खुशनुमा माहौल होता...

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2020 तुमको न भूल पाएंगे

आपका बहुत बहुत शुक्रिया,हमारे जीवन में आने के लिए और बहुत कुछ सिखाने के लिए ।आपके के साथ साथ एक नन्हा सा विषाणु भी हमारे जीवन में...

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