रुपाली गाँगुली (अनुपमा )

रुपाली गाँगुली (अनुपमा )

इस व्यस्तता भरी जिंदगी में, थोड़े भी फुर्सत के पल मिले तो हम अपने मनोरंजन का सोचते हैं फिर चाहे मोबाइल का प्रयोग करें या टीवी।

आज के नौजवान या नौकरीपेशा व्यक्ति तो मोबाइल में देखकर अपना मनोरंजन करते हैं लेकिन घर की स्त्रियां अधिकतर टीवी में सीरियल देखती हैं या मूवी देखती हैं ।

टीवी सीरियल अच्छी सीख भी देते हैं, समाज की सच्चाई भी दर्शाते हैं, तो कभी बुरा प्रभाव भी डालते हैं.ये हमारे ऊपर निर्भर करता हैं, की हम उनसे क्या सीख ले रहे हैं । आजकल के सीरियल में काम करने वाले अभिनेता और अभिनेत्री हम पर बहुत प्रभाव डालते हैं,हम उनको खुद से जुड़ा महसूस करते हैं........


❇️जीवन की व्यस्तता से चलते समय नहीं मिल पता हैं लेकिन एक सीरियल हैं जिसकी अभिनेत्री के किरदार से मैं खुद को जुड़ा मानती हूँ वह हैं "अनुपमा " सीरियल , "श्री रोमेश कालरा " द्वारा निर्देशित ये सीरियल स्टार प्लस पर आता हैं ।अभिनेत्री "रुपाली गाँगुली " इसमें अनुपमा का किरदार निभा रही हैं।

इसकी कहानी में अनुपमा, जो अपने परिवार की परवरिश करने के लिए अपनी महत्वाकांक्षाओं और लक्ष्यों के साथ भाग लेती है, को लगता है कि जब वह अपनी कुर्बानियों और परीक्षणों के लिए कोई श्रेय पाने में असफल हो जाती है।  वह फिर अपनी शर्तों पर जीने का फैसला करती है।

❇️ कुछ खूबियां हैं इस सीरियल के किरदार की जो मुझे इस सीरियल से जोड़े रखती हैं ➡️

????अनुपमा जिस तरह अपने परिवार को बांधे रखती हैं, वह स्वयं ज्यादा पढ़ीलिखी नहीं हैं लेकिन स्वयं को किसी काम के लिए कम नहीं मानती ।

????अपने बच्चों को प्यार दुलार उनकी चिंता में खुद कितना परेशान रहती हैं, बच्चें माँ को कुछ कहे लेकिन हमेशा हसते हुए परेशानी ख़त्म कर देती हैं ।

????परिवार वाले भले ही उसे महत्व नहीं देते लेकिन वह मुस्कुराते हुए सब काम करती हैं, खुद से ज्यादा सबको महत्व देती हैं ।किसी काम को सिखने का जस्बा रखती हैं वह ।

????अनुपमा की स्वयं की जिंदगी में उथल पुथल चलती हैं लेकिन परिवार को जोड़े रखने की जिम्मेदारी कितनी अच्छे से निभाना जानती हैं वह. छोटो को प्यार और बड़ो को आदर देना सब अच्छे से करती हैं ।

❇️मैं स्वयं को कहीं ना कहीं अनुपमा से जुड़ा पाती हूँ, मुझे परिवार में ज्यादा बहस करना पसंद नहीं हैं, जो बात प्यार से सुलझ जाये उसमें टेंशन क्यों लेनी.मेरे पति स्वयं कहते हैं की तुम परिवार का एक मजबूत स्तम्भ हो उनका इतना कहना मेरे लिए काफ़ी हैं ।

हम टीवी में सीरियल देखें लेकिन उससे सीखी अच्छी बातों को अपने जीवन में अपनाये ताकि जीवन रूपी गाड़ी अच्छे से चल सके, बस कुछ लाइन्स के साथ मैं अपनी बात समाप्त करती हूँ...

"तुम पर हैं परिवार की जिम्मेदारी,
चुटकियों में पूरी करती हो सारी,
    हो अगर परिवार पर चिंता भारी,
खुद पर ले लेती हो सारी "
हर कदम पर साबित किया हैं
तुम हो एक सशक्त नारी "...


प्रियंका दक्ष 

#वर्ल्डटेलीविजनडे 

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