सआदत हसन मंटो: हकीकत का मुसन्निफ़

सआदत हसन मंटो: हकीकत का मुसन्निफ़

तसनीफ बनाने वालो की फेहरिस्त में मंटो को हमेशा ऐसे अलग रखा जाता है जैसे वो कोई अछूत हो | ये लाजमी अभी है सच्चाई के मुसन्निफ़ आखिर किसे पसंद थे और शायद कभी होंगे भी नहीं | तसव्वुर सबको पसंद है क्यूंकि आप अपनी तसव्वुर के बादशाह हैं साहब | जो चाहे वो करिये , वजीरे ए आज़म बन जाइये , मशहूर अदाकार या शायर बन जाइये | तसव्वुर आपकी अपनी जागीर है जैसे चाहे वैसे चलाइये | 


सारी परिशानियों का सबब है हकीकत जनाब , घिनौनी , बदबूदार और नाकाबिले बर्दाश्त | हकीकत को आपकी उम्मीदों से कोई फर्क नहीं पड़ता हैं वो जो है सो हैं | यही इकलौती वजह थी के मंटो कभी भी आवाम के तस्नीफ़ों मे नहीं गिने गए | हकीकत को बयां करती उनकी कलम , एक नुकीले खंजर सा काम करती | जो पड़ने वाले के सीने को चीर उसे झूठे समाज की गन्दगी से भरे, सड़े हुए बदन का मांस का लोथड़ा , स्याह लाल खून , बदसूरत नसें और टूटी हुई हड्डियां , सब कुछ दिखाती | सबसे ऊपर आवाम को उसका अपना नंगापन दिखाती | 


मंटो की कहानियाँ किसी पागल आदमी को भी सच्चाई दिखाती लेकिन ये किसी को मंजूर नहीं था, इसलिए पागल लोगों ने उन्हें साहित्यिक रूप से पागल घोषित किया |"ठंडा गोश्त" जितना दर्द पहले करती थी आज भी उतना ही चुभती है | "खोल दो" आज भी इंसान को उसके अंदर छुपे दरिंदे से मुलाकात कराती है, ये बात अलग है के हम उससे मिलकर डर जाए और हमेशा की तरह मंटो की किताब को छुपा दें कि जब हिम्मत होंगी तब पड़ेंगे, इसलिए कहते हैं लिखने से ज्यादा पड़ने को जिगरा चाहिए | ठंडा गोश्त के लिए तो जनाब , कोर्ट-कचहरी के चक्करो मे ऐसे फंसे कि अल्लाह जाने कितनी बदसूरत सच्चाइयां बाहर आने से बच गई | गुलशन सबको पसंद है , काटों को तो कोई बेवकूफ ही पसंद करेगा न | 


कल मंटो का जन्मदिन था लेकिन इंटरनेट पर ज्यादा चहल पहल ना देख मैं समझ गयी के ऐसे सच्चे बयां वाले मुसन्निफ़ को दफ़न करना ही सही है | आखिर सच बयां करना भी तो बीमारी है | आप कितनी भी तरक्कीपसंद हो मंटो की किताबें छुपा कर ही रखियेगा अरे भाई क्या पता आपके अपने लोग आपको पागल और बीमार बता दें | भूलकर भी किसी को न बताये के अपने मंटो को पड़ा हैं , शायद आपको भी भद्दा करार दिया जाए | 


मंटो पर लिखने का मन तो नहीं था लेकिन मोहतरमा वाणी की दरख़्वास्त टाल न सकी और फिर से गलती कर बैठी , बेबाकी से लिखने की |


पिंक एडिटोरियल टीम

Pink Comrade Desk


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