सैनिक के घर होली

सैनिक के घर होली

तुम खड़े देश के बनकर पहरी,

हम खेल रहे है रंगो से होली,

घर तेरा सूना है,बच्चे भी याद करे,

इस होली आ जाओ हम सब इन्तजार करे.....

तेरे बिन  सूनी होली के रंग,

तेरी पत्नी  रास्ता देखे,

तेरे बिन फीके रंग गुलाल, 

माँ  तुमको याद करे

तेरी बहना फरियाद करे,

तेरे बिन सूनी होली,

सूना रंग गुलाल 

फीके के है पकवान सारे,

फीका है ये होली का त्यौहार ,

जब हम सब खेल रहे थे होली,

तब सरहद  पर झेल रहे थे गोली,

सूना तेरा आँगन भी है,

सूने है सारे रंग। 

हम सब मिलकर खेले रंगो की होली,

वो सरहद  पर खेले खून की होली,

बच्चे  जिद करते है तुम्हारी,

पापा कब आयेंगे, कब आयेगी हमारी पिचकारी,

माँ  पापा से बोलों  जल्दी  आये,

सारे बच्चे  पापा संग लाये पिचकारी ,

जब आयेंग  हम लेने जायेंगे  पिचकारी,

माँ  पापा  से कहना हम याद करे,

दादी भी चुपके से रोती है,

माँ  तुम भी रास्ता निहारे,

तेरी भी सूनी आँखे  देखी है।

माँ  जब मै सैनिक बन जाऊंगा ,

तब मेरा भी इन्तजार  करना,

माँ  भारती के चरणों, 

जाकर पापा  सा मै भी बन जाऊंगा 


Nandini....✍



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