सर्दियों की बहार: Blog post by Madhu Bagga

सर्दियों की बहार: Blog post by Madhu Bagga

सर्दियाँ,मतलब अच्छे खाने की बहार।मेरी रसोई मे भी सर्दियों में तरह-तरह के खाने की तो बहार आ जाती है।पकोड़े,ब्रेड रोल,कटलेट,तरह-तरह के भड़वा पराठे ,गाजर का हलवा,इत्यादि अनेक चीज़ो की फ़रमाइश घर में रहती है।सर्दी मे रसोई में खाना बनाने में भी ठीक-ठाक लगता है।गर्मी में पानी ज़्यादा पीने के कारण खाना कम खाया जाता है लेकिन सर्दी मे खूब खाना खाया जाता है।      


मै पंजाबी हूँ अत: मेरी सर्दियों की रसोई में सबसे स्पेशल कई तरह की मक्की की रोटी बनती है जिसकी बनाने की विधि मैं सबके साथ सांझा करना चाहूंगी। इसके लिये परात में मक्की का आटा लेती हूँ।उसमें बहुत बारीक कटी मेथी की पत्तियाँ,बारीक कटा हरा प्याज़,जो आजकल बहुतायत से मिलता है,हरी धनियां,हरी मिर्च बारीक कटी,मिलाती हूँ।आटे मे एक या दो उबले आलू को कद्दूकस करके भी डालती हूँ।उसमे थोड़ी मोयन डालती हूँ।मसाले मे नमक,लालमिर्च,अच्छे से अजवायन,थोड़ा भुना जीरा डाल कर बहुत अच्छे से मिलाती हूँ। अब थोड़ा थोड़ा गुन गुना पानी डालते हुए मसल मसल कर गूँथना होता है।मक्की का आटा मोटा होता है और खुश्क होता है अत: बहुत अच्छे से मसलना होता है।ऐसा सब करके आटा अच्छी सी रोटी बनाने के लिए तैयार हो जाता है।बस अब चकले बेलन से पतली रोटी दोनो तरफ घी लगा कर सेक लेती हूँ।आलू और पत्ते आटे को बांधने का बड़िया काम करते है और रोटी को कुर कुरा बनाते है।मेरी सास कुरकुरी नही खा सकती तो मोटी ढोढे की तरह मुलायम बनाती हूँ ।इसको सफेद मक्खन और गुड़ के साथ ऐसे ही खा सकते है।नाश्ते मे दही के साथ और खाने के समये सरसों मेथी पालक के स्पैशल मिक्स पंजाबी साग के साथ तो इसका बड़िया जोड़ है ही।


कभी कभी मैं मूली कद्दूकस करके मेथी की जगह डालती हूँ।बाकी सब कुछ उपरोक्त जैसा ही होता है फरक बस इतना होता है कि उसमे पानी नही डालना पड़ता।मूली के रस मे ही आटा गुंथ जाता है।बस एक बात का मक्की की रोटी बनाते समय धयान रखे कि आटा अच्छे से मसले नही तो रोटी टूटती है।


तो मक्की की रोटी बनाये ,खायें और सर्दियों मे अपने शरीर मे गर्माहट लाएं।


#सर्दियों की गर्माहट

मधु बग्गा 

        

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