सर्दियों का मौसम और शादियों की बहार: Blog post by Madhu Bagga

सर्दियों का मौसम और शादियों की बहार: Blog post by Madhu Bagga

सर्दियों का मौसम और शादियों की बहार।रिश्तेदारी,पास पड़ोस,और मित्रों का बहुत बड़ा नाता है मेरा,अत: साहलक में कई शादियों में जाना होता ही है।हर शादियों के कुछ नये अनुभव भी होते है। ऐसे ही एक सर्दियों की कॉलोनी की शादी यादगार बनी हुई है और आँखो के सामने जीवन्त है।

 

हमारे पार्क के तीन तरफ बसे घरों में से एक घर में लड़की की शादी थी।हम सब घरों में काफ़ी दोस्ताना है इसलिए हम सब तीन चार दिनो से काफ़ी व्यस्त थे। जनवरी का महीना,कड़ाके की सर्दी लेकिन जोश पूरा था।पार्क मे शादी होनी थी अत: पार्क को बहुत ही अच्छे तरीके से सजाया गया था।पूरे पार्क को कार्पेट से ढका गया था।महंगी कुशन वाली कुर्सियाँ लगायी गई थी।बहुत सुन्दर आलीशन बिजली की सजावट की गयी,फ़ानूस भी लगाये गये। कुल मिला कर बहुत अच्छा इन्ज़ाम था।कुछ मजबूरी में आनन फानन मे शादी करनी पड़ रही थी तो कही भी साहलक मे मैरिज हाल ना मिलने के कारण, लड़के वालो के दबाव मे पार्क मे इन्तज़ाम किया गया।

 

शाम होते होते सारी तैय्यारियाँ हो गयी खाने का भी बढ़िया इन्तज़ाम चल रहा था।अचानक मौसम का मिज़ाज बिगड़ा,तेज़ हवाओं के साथ बूंदा बांदी की शुरुआत ने खतरे की घंटी बजा दी। बारिश का कोई पूर्वानुमान ही नही था।आठ बजते बजते धूआधार बारिश ने सबके होश उड़ा दिये।उपर से बिजली गायब,घुप अन्धेरा,हम सब कॉलोनी वाले परेशान थे।लड़की वालो के आँखो मे तो बारिश से मची तबाही देख कर आँसू थे। खाने को तो बचा लिया गया था लेकिन सजावट तबाह हो गयी।


एक घन्टे बाद पानी बन्द हो गया तो बारात जो पड़ोस के जन्वासे मे थी चल दी। पार्क मे कार्पेट पानी से चप चप थी,गद्देदार कुर्सियाँ भीगी थी,तेज़ हवा और पानी ने बिजली की सजावट को भी तहस नहस किया था।


खैर जैसे तैसे यथासम्भव अच्छे से शादी हुई खाना हुआ ।हम सब कॉलोनी वाले तो थे लेकिन बहुत कम लोग आ पाये। ये सर्दियों की कई मायनों में सबसे यादगार शादी थी।इसमे कॉलोनी की एकता का बहुत बड़ा सबूत मिला और लड़के वालो ने भी बहुत सहयोग किया।

मधु बग्गा


#सर्दियों की गर्माहट

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