साध्वी प्रज्ञा ने बताया हिजाब क्यों नहीं पहनना चाहिए ?

साध्वी प्रज्ञा ने बताया हिजाब क्यों नहीं पहनना चाहिए ?

हिजाब विवाद जो हर दिन एक नया मोड़ ले रहा है कोई इसके समर्थन में तो कोई इसके विरोध में नए-नए तर्क दे रहा है। अब बीजेपी के सांसद साध्वी प्रज्ञा ने हिजाब क्यों नहीं पहनना चाहिए ? इस बारे में एक नया तर्क दे डाला है आइए जानते हैं क्या -

हिजाब कंट्रोवर्सी में बिजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर कूद गई है. उन्होंने विशेष समुदाय की महिलाओं को घरों और मदरसों में हिजाब पहनने की सलाह दी है. बुधवार को एक कार्यक्रम में कहा कि सनानत धर्म में महिलाओं की पूजा होती है. लेकिन, जिनके घरों में बहन का नाता नहीं है. उन्हें घरों में हिजाब जरूरत है।

सांसद ने कहा कि बाहर निकलकर तुम सूरत दिखाओ या न दिखाओ. तुम खूबसूरत हो या बदसूरत, हमें क्या लेना-देना? जहां हिजाब पहनना है, वहां खिजाब लगाकर रखेंगे. जहां खिजाब लगाना है, वहां हिजाब पहनेंगे. यदि उल्टा करोगे तो उल्टा ही होगा. आप अपने मदरसों में हिजाब लगाओ, खिजाब लगाओ, हमें कोई मतलब नहीं. लेकिन आप देश के बाकी स्कूल-कॉलेजों का अनुशासन बिगाड़ेंगे तो यह हिंदुओं को बर्दाश्त नहीं होगा।

 उन्होंने कहा कि खिजाब लगाया जाता है सफेदी को दूर करने के लिए। बूढ़ापा छिपाने के लिए। हिजाब चेहरा छिपाने के लिए होता है। हिजाब अपने चेहरे पर डालना चाहिए और निकलना चाहिए। क्यों? किससे डर और किससे पर्दा? मैं कहती हूं कि बिल्कुल स्पष्ट बात है कि पर्दा उससे रखना चाहिए कि जो हमारी तरफ कुदृष्टि रखता है। एक बात तो निश्चित है कि हिंदू कुदृष्टि नहीं रखते। जहां नारी की पूजा होती है, वही सनातन होता है। यह सनातन की संस्कृति है कि नारी पूजी जाती है। हमारे यहां देवताओं को भी जब दुष्टों को मारने की आवश्यकता होती है, तो वे देवी का आवाहन करते हैं। नारी का स्थान सर्वोपरि है। मां का स्थान सर्वोपरि है। जहां नारी का इतना श्रेष्ठ स्थान है, उस देश में हिजाब पहनने की जरूरत है क्या? भारत में हिजाब पहनने की आवश्यकता नहीं है। हिजाब तो तुम्हें घर में पहनना चाहिए। 

उन्होंने कहा कि मुस्लिम महिलाएं अपने घर में ही सुरक्षित नहीं होती हैं, उन्हें अपने मामा, चाचा और ताऊ के लड़कों से ही खतरा होता है,इसी कारण वो हिजाब पहनती हैं।

उन्होंने ड्रेस कोड पर उंगली उठाने वालों को जवाब देते हुए कहा कि 'ड्रेस को धर्म से जोड़ने वालों से मैं यही कहना चाहूंगी कि हिंदू छात्र भी गुरुकुल में भगवा वस्त्र पहनते हैं, लेकिन स्कूल-कॉलेजों में यूनिफॉर्म पहनते हैं। मुसलमान भी मदरसे में कुछ भी पहनें इससे फर्क नहीं पड़ता, लेकिन स्कूल-कॉलेज में हिजाब की कोई जरूरत नहीं है, वहां सभी को ड्रेस कोड का पालन करना चाहिए।

साध्वी प्रज्ञा के इस बयान पर मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने ट्वीट करते हुए कहा, “भोपाल की सांसद प्रज्ञा ठाकुर कह रही है कि “पर्दा उससे रखना चाहिये जो हमारी तरफ़ कुदृष्टि रखता है”, इस हिसाब से वो बताये कि जो महिलाएँ पर्दा, घूँघट अपने घरों में परिवारों के बीच करती है तो क्या वो किसी कुदृष्टि से बचने के लिये ऐसा करती है…? यह तो उन महिलाओं का अपमान है।

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