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जब खुद से कहो-मैं हूँ ना

हमारे समाज में लड़कियों को जिस दायरे में रहना सिखाया जाता है कभी-कभी उनकी पर्सनलिटी दब जाती है , बहुत सी क्वालिटीज़ होने के बावजूद वह वो सब हासिल नहीं कर पातीं जितना वो डिसर्व करती हैं। वैसे पिछले दो दशकों में लोगों की सोच और लड़कियों...

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