टैग : #माँ -बाबा की रसोई....

नरम आटे की नरम रोटी

वोह कहते हैं न किसी के दिल के दिल का रास्ता उसके पेट से होकर गुजरता है..ये कहावत तो हमारे रिश्ते में जैसे यथा ही साबित हुई.!!! खाने पीने के शौकीन मेरे पतिदेव को अपनी मां की सिखाई हुई हर रेसिपी से लुभाया..उस...

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यादों की रेसिपी

मां बाबा की मनपसंद डिश... यह विषय मेरे लिए बहुत कठिन विषय है, क्योंकि मुझे नही पता मेरे पापा औऱ माँ को क्या पसन्द था,अब आप सभी सोच रहे होंगे...ये कैसी  इंसान है इसे खुद के माँ बाबा की पसन्द की डिश तक नही पता....सच मैंं...

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भिंडी का हलवा.. नाम भी बेतुका, स्वाद भी

 न जाने ऐसे कितने ही मजेदार किस्सों की खिलखिलाहट से गुंजायमान है मेरे माँ-पापा की रसोई। लिखने बैठी तो अनेकों किस्से ज़ेहन में चलचित्र की भांति दौड़ पड़े,,,परंतु उनमें से एक किस्सा ऐसा है जिसे याद करके आज भी हम सब बेतहाशा हँस...

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खुबसूरत संस्कार

बचपन से देखते आई,माँ किचेन संभालतीबाबा अपनी दुकान।घर मे हैं माँ का साम्राज्यबाबा अपनी दुकान के साथ।बाबा को समय से चाय -नाश्ताखाना मिल जाये। बस इतना-भर का साथ।फिर अपने काम के...

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मां की दूध पिठुआ रेसिपी

" दिल से " मां की दूध पिठुआ रेसिपी  मैं आप सभी के साथ अपनी मां की सिग्नेचर डिश ' दूध पिठुआ' शेयर कर रही हूं।हम सब भाई बहन , पापा तो मां के हाथ की इस डिश के दीवाने थे।    लेकिन शादी के बाद मैंने...

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तेरी मेरी कहानी... रसोई की

 #माँ बाबा की रसोई  माँ बाबा की रसोई में तो, सिर्फ माँ का ही अधिकार था...।बचपन से यहीं देखा तो शादी के बाद, रसोई पर अपना ही अधिकार समझती थी....। वैसे शादी से पहले,...मेरा रसोई से दूर दूर तक का कोई नाता नहीं था...

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माँबाबाकीरसोई मजेदार किस्सा -जब पानी उबल गया

दोस्तो माँ बाबा की रसोई का बहुत ही मज़ेदार किस्सा यादों की गलियारों  से बाहर निकल कर आया है।जैसा कि मैंने अपने पूर्व के ब्लॉग्स में बताया है कि मेरे मम्मी-पापा दोनों नौकरीपेशा थे।हालाँकि आँटी घर पर आती थीं पर वो बाकी...

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माँबाबाकी रसोई करारी अरबी

दोस्तो अपने माँ बाबा की रसोई की मनपसंद रेसिपी शेयर कर रही हूँ। डिश का नाम है "करारी अरबी"..मेरे मम्मी पापा दोनों वर्किंग थे।ये डिश वे दोनों मिलकर बनाते थे।मतलब पापा इन्हें फ्राई करने का और गार्निशिंग करने का काम करते थे।कैसे...

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फेयरवेल पार्टी का वो यादगार किस्सा

आज भी जब दही बड़े बनाती हूं तो यह किस्सा बरबस ही उस पार्टी की याद ताजा कर देता है ।उन दिनों मैं हायर सेकेंडरी की हेड गर्ल थी ।अच्छी खासी इमेज थी मेरी स्कूल में। सभी की चहेती और एक दबंग ,अनुशासित, होनहार छात्रा, हर कार्य को बड़ी...

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पापा के हाथ का आम का अचार

अपने दूसरे ब्लॉग में आज आपके साथ अपने स्वर्गीय पापा की मेरी पसंद की रेसिपी साझा कर रही हूं जो कच्ची कैरी या आम का अचार है। जिसे मैंने बचपन से उन्हें बनाते देखा, और अक्सर पापा समय ना मिलने के कारण रात को या ढलती शाम को बनाया करते...

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