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माँ की गुलाबी साड़ी

बेटी के घर की साड़ी पलक का जोश सातवें आसमान पर था। तीन महीने से शॉपिंग बंद ही नहीं हुई। मम्मी को भी उसने बुलवाया लिया था कि ताकि गुड्डी को सम्भाल ले तो वह बाजारों का चक्कर काट आए। मायके में पड़ने वाली शादियों में भी पलक...

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मुझे भी हक है ख्वाब देखने का !

खुद के लिए आवाज नहीं उठा सकी थी रिया, पर आज उसने अपने बेटी के लिए आवाज उठा दी थी और पूरे घर की खिलाफ़त कर उसे कॉलेज के होने वाली नृत्य प्रतियोगिता में भाग लेने की अनुमति दी थी, और आज वार्षिकोत्सव के दिन अकेले ही अपनी बेटी के कॉलेज...

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उड़ान भरने दीजिए

और कॉलेज कैसा चल रहा है?जी ठीक पापा |एक्जाम कब से शुरू हैं?अगले महीने से पापा | और लाइब्रेरी जा रही हो न रेगुलर, पढ़ने से दिमाग तेज होता है |जी पापा,पापा वो आपसे एक बात कहनी थी, हाँ कहो बेटापापा...

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आलू के गुलाबजामुन

माँ को आज अपने हाथ से गुलाबजामुन खिलाते हुए असीम तृप्ति का अनुभव हो रहा था, और मन अतीत के गलियारे में भटक रहा था | अम्मा ए अम्मा हमें भी खाने को गुलाबजामुन चाहिए, पैसे दो हम खरीद कर लाते हैं |बिट्टू रसगुल्ला खाने की हमरी...

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