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मेरी चित्रकूट यात्रा

चित्रकूट के घाट पर भई संतन की भीड़। तुलसीदास चंदन घींसे तिलक करत रघुवीर।। तुलसीदास जी ने यह पद यहीं रचित किया था।चित्रकूट धाम भगवान श्रीराम कालीन नगरी है।यहाँ भगवान राम बनवास के 14 वर्षों में से 11 वर्ष यहींं व्यतीत...

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