टैग : #My first period

घबराने वाली कोई बात नहीं

शिवानी एक नौकरीपेशा स्त्री है। घर-दफ्तर की सारी ही जिम्मेदारियों को अच्छी तरह निभाती है ।वह एक नौ वर्षीय बेटी की माँ भी है । बहुत प्यार करती है अपनी बेटी से,उसके स्कूल से आने के बाद समय निकालकर कभी उसे लेकर पार्क  तो कभी टहलने...

और पढ़ें

पहले पीरियड लिए बिटिया को करें तैयार

28th May को Menstrual Hygiene Day पर SARIKA GUPTA जी ने पीरियड की समस्या को लेकर बहुत अच्छा समझाया उनकी बातों से  यही समझ आया कि एक मां को अपनी बेटी को पहली बार माहवारी होने पर कैसे तैयार करें और उनकी समस्याओं को किस तरह से...

और पढ़ें

फर्स्ट पीरियड, हैप्पी पीरियड

हर इंसान के जीवन में पहली बार घटित होने वाली घटना उम्र भर के लिए उसके मस्तिष्क में समा जाती है, इन घटनाओं का सुखद अनुभव या फिर कड़वी यादें हमारे जहन में सदा के लिए रह जाती हैं, अतीत में घटित इन घटनाओं के बारे में अगर हम आज सोचे...

और पढ़ें

आपकी समझदारी बच्चे बनेंगे सहज

 किशोरावस्था आते-आते बच्चों में शारीरिक बदलाव दिखाई देने लगते हैं।जिसका प्रभाव उनके व्यवहार पर पड़ता है।मनोवैज्ञानिक तौर पर देखा जाए तो सेकेंड्री चेंजेज़ आने पर किशोरउम्र के बच्चों में उत्सुकता-कौतुहल- जिज्ञासा जन्म लेती है...

और पढ़ें

ये कैसी मानसिकता

पहाड़ों  के बीच बसी घाटी ,विषम भौगोलिक परिस्थितियां,दुरूह जीवन शैली, आधुनिक सुविधाएं शहरों की तुलना में बहुत कम।अधिकांश महिलाएं पुरूषों की तुलना मेंअधिक मेहनती । फिर भी एक नैसर्गिक प्रक्रिया से गुज़रने के दिनों में उन्हें...

और पढ़ें

छूना न ,छूना न अब तुम बड़ी हो गईं

छूना न छूना न छूना न,,,,,छूना न अब तुम बड़ी हो गईं। ये  धुन सुनते ही मशहूर अभिनेत्री की सुपर हिट फिल्म डर्टी का गाना हमारे सामने घूम जाता है पर मैं ये लाइनेअक्सर सुनती थी जब मैं "उन दिनों" से गुजर रही होती थी।तो सांझा...

और पढ़ें

जब सखी से पता चला..

आज सुरभि बहुत खुश थी करीब दो साल बाद अपनी पक्की सहेली "भोली" से मिल रही थी.. 2 साल पहले सुरभि के बापू रोजगार के सिलसिले में शहर आ गए.. मेहनत व किस्मत के साथ से उनका रोज़गार चल पड़ा था। सुरभि का दाखिला भी अच्छे स्कूल में करवाया।।...

और पढ़ें

दाग अच्छे हैं माँ

ईशा सामने वाले पार्क में अपने दोस्तों और भाई यश के साथ खेल रही थी।तभी यश भागता-भागता घर आया और बोला-"मम्मा-मम्मा, ईशा दीदी के चोट लग गई।"इतना सुनते ही नेहा के हाथ से प्लेट छूट गई और वह यश के साथ पार्क भागी और जाकर ईशा को गले लगाते...

और पढ़ें

अरे!इसमें रोने की क्या बात है।

जिंदगी में कई एहसास ऐसे होते हैं जिन्हे हम ताउम्र नही भूल पाते और एक लड़की की जिंदगी में ये खूबसूरत एहसास कई बार होते हैं...

और पढ़ें

एक लड़का भी सेनेटरी पैड खरीद सकता है....

जब मैं माॅल से बाहर निकली और अपनी गाड़ी तक पहुंची तो देखा कि.. दो गाड़ी छोड़कर एक बाइक  पर मेरी पड़ोस की बेटी नेहा बैठी है । मेरे हस्बैंड बिलिंग कराने के लिए मॉल में ही रह गये थे।   मैने देखा वह कुछ सहमी हुई...

और पढ़ें