टैग : POEM DEDICATED FOR PINK COMRADE

हाँ , मेरी सच्ची दोस्त है वो

ख़ुशी हो या ग़म मेरे सबकी साथी है वो ,आँखों में हो नमी तो बिना बोले भाँप जाती है वोजहाँ सब बेगाने वहाँ हाथ थाम लेती है वोजब कभी अकेली होती हूँ खड़ी तो कहती ” मैं हूँ ना साथ तेरे “,हाँ ,मेरी सच्ची...

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