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न्यारी दोस्ती मां-बेटी की

सुनो दोस्ती की एक नयी-दस्तां एक लड़की थी अंजानी-सी दुनिया से न डरती थीगलत हो जाये कही भिड़ जाती अपनों से भी...एक दिन उसके अरमानों को पहनाकर समाज की बंदिशे बैठा दिया...

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हां,मैं हवा जैसी हूं !!!

हां,मैं हवा जैसी हूं प्यार से देखो मुझे तो शीतल ठंडी बयार हूं जो छेड़ा जरा सा मुझे तो आंधी-तूफान हूं  हां,मैं हवा जैसी हूं चंचल सी बहती  मातृत्व...

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बिटिया के सपने

मां बाबा कहा करते थे बिटिया तेरे सपने हैं तेरे अपने चांद के रथ पर आएगा वह,संग अपने ले जाएगा वह जितने देखे तुम्हें सपने ,सबको सच कर दिखलाएगा वह दूल्हे का रूप धर एक दिन आया एक शिकारी         ...

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मेरे हौसलों की उड़ान

जो बीता है इतने सालों में मुझ पर उन सबका पुलिंदा बांधे  चलती हूं। मत पूछना मुझसे ये पुलिंदा कितना भारी है। दुनिया के रिवाजों और बंदिशों से मेरी लड़ाई अभी भी जारी है। आज उन सबको मैं इक जवाब देना चाहती हूं शायद जवाब...

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.नारी

नारी    सच वह है एक नारी  जो कभी ना थकी,कभी न हारीजो है एक श्रृंगारित सजनीजो है ममता की मूर्ति प्यारीजो है घर की खुशहाल फुलवारी सच वह है एक नारी ।  ...

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हम हैं कि निभाए  जा रहे हैं।

नहीं रखना चाहता है वह हमसे रिश्ता कोई,हम हैं कि निभाए  जा रहे हैं।फंसा दिया है उसने प्रेम जाल में मुझको,हम हैं कि जाल को मजबूत बनाए जा रहे हैं।तोड़ता है दिन-रात वह विश्वास को मेरे,हम हैं कि विश्वास...

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मैं हूँ आधुनिक नारी

मैं हूँ आधुनिक नारी ::::::::::::::::::::::: मैं हूँ आधुनिक नारी पुरातन पंथी सोच से दूर हूँ मैं सारी की सारी हाँ मैं हूँ आधुनिक नारी रिश्तों के लिये अक्सर झुक जाती समझौते...

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नफरतो के बयान रहने दो

ख़ूनी राजनीति की सनक अपने ही  दरम्यान रहने दो,  नफरतो की ऑधियो न फैलाओ जीवन आसान रहन दो।घात लगाये बैठे हैं राजनीतिज्ञ खेल रहें कैसा गंदा खेल, बिखर रहे हैं है लोग इनके मकान को...

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ना मैं नहीं चांद सी

ना मैं नहीं चांद सी ना , मैं नहीं चांद सीना होना चाहती हूं,मैं नारी विद्रोहिणीरक्षा हेतु निज अस्मिता कीबिगुल विद्रोह का  फूंकना...

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मै तो हूँ सूर्य के ताप सी

नहीं मै नहीं हूँ चाँद सी,क्यों बनु मै शीतल , सुकोमल चांद सी ,मै तो हूँ सूर्य के ताप सी, जिसे देख निगाहें हो जाएं नतमस्तक सभी, पाप  दुराचार की ।नहीं मै नहीं हूँ चाँद सी ।नहीं बनना...

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