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तभी थप्पड़ क्यों नहीं जड़ा

मैं शादी के बाद पहली बार इस नये शहर में रहना सीख रही थी। अचानक 'दीदी' से 'भाभी' या 'आंटी' बनने की प्रक्रिया खुद मेरे लिए नयी थी। इन सबके अलावा एक और नयापन था और वो थी दक्षिण भारत की नयी भाषा...

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गर्भपात

आठवें माह में गर्भपात के दर्द को झेलकर लतिका हॉस्पिटल से घर आ गई थी। सास राधा जी बहू के लिए दलिया बना रही थी। मन ही मन  बहुत दुखी थी क्योंकि जिस खुशी का वो इतने समय से इंतजार कर रहे थे वो उनके हाथ से रेत की तरह फिसल गई थी।...

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रास्ता दिल का दिल से दिल तक

"बिटिया, ध्यान रहे ,सबके दिल का हाल जानों, सबके मन की खुशियों को समझो, ससुराल में यही काम आयेगा।"  माँ, जानती हूँ, समझती भी हूँ, पर इस बात का हमेशा पालन कर पाऊँगी ये कह नहीं सकती।हाँ, मैं...

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लघुकथा सेहतमंद

अंजू ने  कबाड़ीवाले को सामने से  जाते देखकर  आवज लगाई। "ओ ! कबाड़ीवाले भाई इधर आना।"कबाड़ी सोच में पड़ गया उसकी‌ आंखों में एक  प्रश्न  चिन्ह उभर आया।मेम साहब‌ ने पिछले रविवार...

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औकात - एक लघुकथा

कल सुबह उठते ही तीनों मेरे साथ हो लेना, खेतों में बीज डालना है ।वरना सूरज सिर पर आते ही अपना कहर बरपाने लगता है ,रही सही कसर हवा के बंद होने से पूरी हो जाती है। अब ज्यादा मटरगश्ती ना करो, सो जाओ ...... मेरी जरा अभी पलक से...

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अतिथि तुम कब आओगे

इशु बेटा उठो जल्दी कब तक सोती रहोगी देखो भाई तो तैयार भी हो गया 5 मिनट और मम्मा सोने दो ना ...हे भगवान क्या करूं मैं इस लड़की का सुबह को तो बस उठाते जाओ उठने का नाम  ही  नहीं लेती।   अरे कब तक अखबार...

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चाय पकौड़े की साजिश

एक तरफ एफ एम पे बजता हुआ गाना, “हमें जब से मोहब्बत हो गयी है, ये दुनिया…., दूसरी तरफ रिमझिम बूंदे सोचिए दिल को ठंडक पहुंचाता हुआ कितना खुशगवार मौसम पर जाने क्यों मेरा मन चिढ़ा हुआ था, शायद इस चिढ़ की वजह सुबह से हमसफर...

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