भारत की इन ऐतिहासिक इमारतों में बनेंगें ब्रेस्टफीडिंग रूम

भारत की इन ऐतिहासिक इमारतों में बनेंगें ब्रेस्टफीडिंग रूम

माँ बनना एक महिला के लिए बहुत सुखद अनुभूति होती है। इस मातृत्व के सफर का बहुत अहम् पहलू है ” स्तनपान (Breastfeeding ). सार्वजानिक जगहों पर स्तनपान कराना हमेशा से ही एक माँ के लिए चुनौतीपूर्ण रहा है। इसी दिशा में एक सार्थक कदम उठाया है “भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (Archaeological survey of India) ने।

सबसे पहला स्तनपान गृह ताजमहल आगरा में शुरू किया जाएगा। Archaeological survey of India के एक उच्च अधिकारी (वसंत कुमार स्वर्णकर ) ने इस बात की पुष्टि की है। कई बार ताजमहल की सैर पर आने वाले एक युवक ने इसकी पहल की और थॉमस रयूटर्स फाउंडेशन को इस विषय से अवगत कराया। ये कोई एक बार की बात नहीं , समय समय पर इस बात का मुद्दा बनता आया है।

हाल ही में कोलकात्ता के एक मॉल में “एक महिला को टॉयलेट में स्तनपान कराने के लिए बोला गया था। साथ ही सार्वजानिक जगहों पर स्तनपान कराते समय महिलाओं को बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता है , जैसे पूरे कपड़ों से ढके रहना , अन्य लोगो का जानते हुए भी उन्हें देखते रहना। शायद ऐतिहासिक इमारतों में स्तनपान ग्रह का बनना ,महिलाओं की इस समस्या को थोड़ा हल्का करने में मदद कर सके। और बाकि जगहों जैसे रेलवे स्टेशन , बस स्टेशन , मॉल ,दफ्तर जैसे अन्य जगहों पर भी ऐसे ही ग्रहों का निर्माण किया जाये।

ताजमहल के साथ साथ आगरा किला और फतेहपुर सीकरी में भी दुधमुहें बच्चों को स्तनपान करने के लिए एएसआई ब्रैस्ट फीड रूम बनाने वाली है। इन कमरों में कुर्सी , मेज , गद्दा , पंखा और लाइट जैसी सुविधाओं के साथ साथ पेय जल की भी व्यवस्था होगी। आगे इससे सम्बन्धित महिला पयर्टकों से सुझाव लिए जाते रहेंगें।

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