तुम ही हो, बस तुम ही हो - Two years of Pink Comrade

तुम ही हो, बस तुम ही हो - Two years of Pink Comrade

सबसे पहले पिंक काॅमरेड को लख-लख बधाइयां। ऐसे ही उन्नति के पथ पर अग्रसर रहों।इस मंच से जुडे़ मुझे एक साल से ज्यादा हो गया है। कितनी सखियों का साथ यहाँ मिला। कभी उनसे मिली। नहीं, लेकिन फिर भी उन सब से एक रिश्ता सा बन गया है। ऐसा लगता है, जैसे उन सबको जानती हूँ।


और एक स्पेशल धन्यवाद वाणी भारद्वाज और इस मंच की पूरी टीम को जिन्होनें मुझे मुझसे मिलवाया। और मैं ही क्यों, न जाने और भी कितनी ऐसी सखियां है जो बाकी सब रिश्तों में गुम थी। स्वयं कौन है, यह भूल चुकी थी। यहाँ मुझे कभी सोचना नही पड़ता है कि मैं यह बात लिखूँ कि न लिखूँ। बस लिख डालती हूँ। यही तो सबसे बडी़ खासियत है इस मंच की।


बहुत बार कुछ बातें ऐसी होती है जिन्हें हम किसी के साथ चाहकर भी साझा नही कर पाते है। लेकिन वे सब बातें मैं यहाँ पर लिख पाती हूँ क्योकि मुझे पता है कि यह मंच मेरी बातों को समझेगा।


जब पहली बार मेरी कहानी विनर हुई थी और मैंनें अपने नाम के साथ लेखिका लगा हुआ देखा, उस समय के ज़ज्बातों को मैं शब्दों में बयां नही कर सकती।


जब यहाँ पर मेरा पहला लाइव था, पूरी रात मैं सो भी नही पाई थी मैं। फिर लाइव हुआ और मेरे पास बधाइयों का तांता लग गया था। यह सब इस मंच के कारण संभव हो सका। बस ऐसे ही दिन दूनी और रात चौगुनी उन्नति करो, यही दिल से दुआ है मेरी।


कैसे करूं मैं तुम्हारा धन्यवाद,

कुछ समझ नहीं आ रहा है क्योंकि शब्दों में चल रहा है वाद विवाद ।

कितना सब कुछ सीखा यहां पर,

रिश्तो में गुम गया था मेरा नाम स्वयं की पहचान बनाई यहां पर।

ऐसा लगता है मिला है कोई सच्चा साथी अपना दिल उड़ेल देते हैं बिना हिचकिचाहट के जहां पर।

और फलो फूलो और रहो सदा आबाद ,

है छोटा सा शब्द लेकिन समेटे हुए हैं मेरे दिल के अनगिनत भाव, पिंक काॅमरेड तहे दिल से तुम्हारा धन्यवाद।


#दूसरी वर्षगांठ


#पिंक काॅमरेड की 2nd anniversary

What's Your Reaction?

like
0
dislike
0
love
0
funny
0
angry
0
sad
0
wow
0