दलाई लामा के १० सर्वश्रेष्ठ प्रेरणादायी विचार - ज्ञानी वाणी

दलाई लामा के १० सर्वश्रेष्ठ प्रेरणादायी विचार - ज्ञानी वाणी

दलाई लाम तिब्बतियों के सबसे बड़े और सर्वमान्य धर्मगुरु की पदवी है जिन्हें एक समय तिब्बत में राष्ट्राध्यक्ष जैसा गौरव प्राप्त था। वर्तमान दलाई लामा तेनजिन ग्यात्सो का जन्म 6 जुलाई, 1935 को पूर्वी तिब्बत में हुआ था।तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा से जब आप मिलते हैं तो वह आपके सिर पर हाथ जरूर रखते हैं। आप महसूस करेंगे कि उनका सिर पर हाथ फेरना एकदम मां के ममत्व भरे आशीर्वाद की तरह होता है। उनका ये आशीर्वाद सबके लिए समान है। इसके साथ में करुणा से भरे अद्भुत इंसान का प्यार और वो मुस्कराहट मिलती है जो आपको उनके पास से हटने नहीं देती।आज मंगलवार, 6 जुलाई 2021 को दुनिया के इन अद्भुत आंदोलनकारी का 86वां जन्मदिन है।


चौदहवें दलाई लामा ‘तेनजिन ग्यात्सो’ तिब्बतियों के राष्ट्राध्यक्ष और आध्यात्मिक गुरू हैं। दलाई लामा का सम्पूर्ण जीवन मानवता, शांति, अहिंसा, कर्तव्यनिष्ठा और विश्वबंधुत्व में निहित है। केवल तिब्बत में ही नहीं वरन सम्पूर्ण विश्व में उनके विचारों और कार्यों का सम्मान किया जाता है। आइए जीवन में शांति देते दलाई लामा के अनमोल विचारों को पढते है और उनसे प्रेरणा लेते हैं -


१ -यदि आपको कोई दुःख, दर्द, डर या पीड़ा है तो आपको इस बात की जांच करनी चाहियें की आप क्या कर सकते हैं। यदि आप कर सकते हैं, तो इसके बारे में चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है। इसके लिए कार्यवाही करें। यदि आप कुछ नहीं कर सकते हैं, तो चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। 



२ -आशावादी होना चुनें, यह बेहतर लगता है। आशावाद का मतलब यह नहीं है कि आप स्थिति की वास्तविकता से अंधे हैं। इसका अर्थ है कि आप जो भी समस्याएँ हैं उसका समाधान खोजने के लिए प्रेरित रहते हैं। 



३ -याद रखें कि कभी-कभी जो आप नहीं चाहते हैं वह भाग्य का एक अद्भुत स्ट्रोक है। 


४ -दूसरों और अपने आस-पास की दुनिया को दोष देने की तलाश करने के बजाय, हमें पहले अपने भीतर देखना चाहिए। 


५ -जब कारण समाप्त होता है, तब क्रोध शुरू होता है। इसलिए, क्रोध कमजोरी का संकेत है। 



 ६ -सफलता का मतलब यह नहीं है कि आपको किसी दूसरे से बेहतर बनना है बल्कि सफलता का मतलब हैं जो आप अभी हैं उससे बेहतर बनना। 


७ -क्रोध हमारे मन की शांति को नष्ट कर देता है; प्यार-दुलार करने से हम दोस्त बनते हैं और अकेले रहने के खतरे को खत्म करते हैं। 


८ -समस्याएं हमेशा उत्पन्न होंगी, लेकिन हमें उन्हें अलग तरीके से संबोधित करने की आवश्यकता है। हमें बल के उपयोग का सहारा लेने के बजाय उन्हें सुलझाने के लिए बातचीत में संलग्न होने की आवश्यकता है। 


९ -अपने आप को जीतना लड़ाई में हजारों जीत हासिल करने की तुलना में एक बड़ी जीत है।


१० -आपका मौन रहना कभी कभी आपका सबसे अच्छा जबाब होता है। कभी कोई कुछ कहकर एक गतिशील प्रभाव बनाता है, और कभी-कभी कोई चुप रहकर महत्वपूर्ण धारणा बनाता है। 


११ -दूसरों के व्यवहार के कारण अपनी आंतरिक शांति को नष्ट न होने दें। 


दलाई लामा ऐसे अद्भुत त्याग की प्रतिमूर्ति हैं । जिस तिब्बत की आजादी के लिए उन्होने अपना पूरा जीवन लगा दिया, उसकी स्वयत्तता के आगे अपनी स्वदेश वापसी का अरमान तक दबाने को तैयार हैं। दुनिया को आज ऐसी ही करुणामयी और त्याग का भाव रखने वाली शख्सियत की जरूरत है। उनके जन्मदिन पर हम गौरवान्वित कि दलाई लामा ने अपनी कर्मभूमि के रूप में भारत को चुना।




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