दिन जो स्पेशल बना ....सरप्राइज बधाइयां!

दिन जो स्पेशल बना ....सरप्राइज बधाइयां!

इस नए विद्यालय में ज्वाइन किए 3 महीने हो रहे थे ।एक एकेडमिक एडवाइजर के तौर पर। 25 वर्षों के अनुभव की वजह से मुझे यह पोस्ट दिया गया था।

उस दिन मेरा जन्मदिन था ।

आप आज क्या खास कर रहे हैं मैडम ? शिक्षिका भारती ने पूछा ।

अरे ,इस उम्र में क्या मनाना ?साथ कौन है इस दिन को खास बनाने के लिए? खुद से खुद का जन्मदिन तो मनाने से रहे! हंसते हुए मैं बोली ।

क्यों सर जी नहीं मनाते ?

उन्हें याद रहे और वह याद कर विश कर दें तो यह बड़ी बात है मेरे लिए ।वैसे बच्चे फोन पर जरूर विश करते हैं और शाम को वीडियो कॉल करते हैं ।अपने पापा को भी हिदायत देते हैं केक मंगवाईए और मम्मी के हाथों क टवाइए ।

मैडम ,आप आज शाम 5:00 बजे रेडियो पर लोकल चैनल अवश्य सुने और 7:00 बजे टीवी पर लोकल न्यूज़ अवश्य देखें। फोन पर भारती ने मुझे सूचना दी। आपके लिए एक सरप्राइज है ।

4:00 बजे विद्यालय से वापस आ गई ।फ्रेश हो रेडियो लगा बैठ गई ।मेरा परिचय ,नाम और जन्मदिन की मुबारकबाद के साथ ही कुछ परिचितों के संदेश भी पढ़े गए। मेरे दिन को और खूबसूरत बनाने के लिए एक खूबसूरत गीत भी बजाया गया। दिल खुशी से बाग बाग हो गया ।

टीवी के लोकल चैनल पर भी फोटो के साथ ही जन्मदिन की बधाइयां भी दी गई। टीवी पर दिखने के बाद अनेक परिचित अभिभावकों के फोन आने शुरू हो गए ।

दिन को इतना खास बनाने के लिए धन्यवाद या शुक्रिया शब्द काफी छोटे पड़ गए थे मेरे लिए। 50 वर्ष की उम्र पार करने के बाद ऐसा स्पेशल फील करवा कर किसी ने मेरा जन्मदिन अति खास बना दिया था।

जीवन भर के लिए यह घटना मुझ पर एक अमिट छाप छोड़ गई थी।

भारती से जब फोन पर बातें हुई उसने कहा," मुझे आपकी बात काफी दुखी कर गई कि कौन है मेरा दिन स्पेशल बनाने के लिए"? मैंने तभी सोचा मैं आपका यह दिन खास बनाऊंगी।

जीवन भर के लिए वह स्पेशल दिन मेरे लिए अविस्मरणीय है।


#सर्दियों की गर्माहट#

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