#Thursdaypoetrychallenge

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पुराना टीवी और यादें

पिंक काॅमरेड ने टाॅपिक दिया है

अतीत में जाने का अवसर दिया है

यादों का सुनहरा पिटारा है

पुराना टीवी अब गुजरा जमाना है

हर घर की शान न होता था

पर हर दिल की जान होता था

एक जगह जमावड़ा होता था

संडे का दिन बहुत खास होता था

जब चलते-चलते रूक जाता था 

सबका दिल थम जाता था

कारिस्तानियों का सिलसिला शुरू होता था 

हर कोई जुगाड़ का रास्ता खोजता था

पारिवारिक सीरियल आते थे 

चित्रहार से मन बहलाते थे

चंद्रकाता की जादुई दुनिया थी

धार्मिक सीरियल की बात ही अलग थी 

कहाँ तब रिमोट होता था 

चैनलों का भी टोटा होता था 

बार-बार उठना पड़ता था 

वाल्यूम को भी सेट करना पड़ता था

दादी की आवाज आ जाती थी 

हमारी चोरी पकड़ी जाती थी

घर भर का मनोरंजन होता था 

पुराने टीवी का अपना नशा था 

धीरे-धीरे सब कुछ बदला 

टेक्नोलाॅजी का स्वरूप भी बदला 

नए टीवी से बाजार भर गया 

पुराना टीवी आउटडेटेड हो गया 

दशकों तक जिस टीवी ने घर को रोशन किया 

बदलते फैशन ने उसे भी घर से विदा किया


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