उच्च रक्तचाप और सौंदर्य

उच्च रक्तचाप और सौंदर्य

आज विश्व उच्च रक्तचाप दिवस है यह उच्च रक्तचाप के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिये मनाया जाता है। उच्च रक्तचाप यदि नियंत्रण में रहे तो ठीक है नही तो अपने आप में बहुत बड़ी बीमारी न होकर भी बहुत सी बीमारियों को न्योता दे डालती है।


विश्व उच्च रक्तचाप दिवस पर हम बात करते हैं कि उच्च रक्तचाप से हमारे सौंदर्य पर भी कोई प्रभाव पड़ता है क्या? तो इसका जवाब ये है कि सीधे तौर पर तो कोई दुष्प्रभाव दिखाई नहीं देता परन्तु बीमारी कोई भी हो अप्रत्यक्ष रूप से सौंदर्य पर प्रभाव डालती ही है।


कभी माना जाता था कि उच्च रक्तचाप वृद्धावस्था का रोग होता है परन्तु आजकल जीवनचर्या इतनी बदल चुकी है कि अब यह युवाओं को भी अपनी चपेट में ले लेता है। साधारण तौर पर इसके लक्षण बहुत समय तक दिखाई भी नहीं देते और कई बार मरीज को देर से पता चल पाता है कि उनका रक्तचाप बढ़ गया है। लक्षणों में सिरदर्द, चक्कर आना, नींद न आना, साँस फूलना आदि जब प्रारंभ होते हैं तब जाँच कराने पर उच्च रक्तचाप का पता चलता है।


उच्च रक्तचाप के कारण वंशानुगत होने के अतिरिक्त खानपान में असावधानी जैसे मैदा और प्रोसेस्ड फूड का अधिक प्रयोग, नमक अधिक मात्रा में लेना व्यायाम न करना, जलन की भावना रखना, भय की भावना, क्रोध अधिक करना आदि होते हैं। मुख्य रूप से सौंदर्य पर भी इन्हीं चीजों का दुष्प्रभाव पड़ता है। अक्सर चेहरे की व शरीर की सूजन भी उच्च रक्तचाप की एक वजह होती है और सौंदर्य पर विपरीत प्रभाव डालती है। अतः उच्च रक्तचाप का सीधा सम्बंध सौंदर्य से न होकर भी इस तरह की जीवनचर्या से होता ही है।और फिर बीमारी भले ही छोटी सी हो आपके चेहरे की चमक को कम करने में कसर नहीं छोड़ती।


वैसे भी यह रोग यदि बढ़ जाता है तो अपने साथ बहुत से गंभीर रोगों को भी ले आता है। जिसका सीधा प्रभाव आपकी त्वचा पर पड़ता है और त्वचा अपनी कांति खोकर बेजान सी लगने लगती है।ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने के लिये खान पान में बदलाव आवश्यक है। हरी सब्जियों व फलों का सेवन ब्लड प्रेशर नियंत्रण के साथ आपकी त्वचा के स्वास्थ्य के लिये भी लाभदायक है।


नित्य योग प्राणायाम व ध्यान करने से भी एक ओर जहाँ रक्तचाप नियंत्रित होता है वहीं ये मानसिक शांति दे कर त्वचा को निखारने में सक्षम है।


अर्चना सक्सेना

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