#वो बीते लम्हें # यादें बेखौफ़ बचपन की.

#वो बीते लम्हें # यादें बेखौफ़ बचपन की.

#थर्सडेपोएट्रीचैलेंज#वो बीते लम्हें#यादें बेखौफ़ बचपन की वो बीते लम्हें की खूबसूरत,यादें ज़ब भी मुझको आती है,बचपन में बिताये हसीन यादों की,अलग ही उमंग भर जाती है,वो आम की डाली उसपर,पड़ने वाला वह झूला,वो खेतो की हरियाली,वो शाम मस्तानी ज़ब भी,याद आती है आँखो में,पानी भर जाती है,वो कच्ची अमिया का स्वाद,इमली खा दाँत बजाना,वो बेखौफ खिलखिलाना, धूप में सबकी आँखे बचाकर,बाहर निकल जाना,माँ की झिड़की भरी डांट खाकर,रोने जैसा मुंह बनाना,वो लम्हें ज़ब भी याद आती,आंखो को गीली कर,होठों पर मुस्कान छोड़ जाती है,वो सखीयों संग उड़ती तितलियों के,पीछे उनको पकड़ने भागना,आज ज़ब भी उन बीते लम्हों  को, कितने साल बीत गए, ऐसे ही उन्हें 

याद करती हमेशा एक आह भरती हूँ,काश कुछ ऐसा चमत्कार हो जाता,वो बीते खूबसूरत बेखौफ़ लम्हें,मरने से पहले एक बार फिर,जीने को दुबारा मिल जाता,वो बीते लम्हें ज़ब याद आती है,

अपने मन को मैं यूं समझाती हूँ,तारीखें बदल जाती है लेकिन,वो बीते लम्हें कभी वापस नहीं आते |

What's Your Reaction?

like
0
dislike
0
love
0
funny
0
angry
0
sad
0
wow
0