वो खूबसूरत सुबह# जनवरी माह की कविता

वो खूबसूरत सुबह# जनवरी माह की कविता

वो खूबसूरत सुबह आएगी कोरोना जैसी महामारी से मिलेगी मुक्ति गुलजार होगा जीवन खुशियां हर घर में होगी शिविर का होगा नाश किरण की आशा के साथ वो खूबसूरत सुबह आएगी सपने होंगे सच जीवन में आएगी उमंग तरण फूलों के रंग जीवन में सुनोगे खूबसूरत सुबह फिर से आएगी सूरज के जैसा दमके का चेहरा ताजगी भरी हवा सांसो में होगी मुस्कुराती हुई सुबह फिर से लौट आएगी और मोनू की खूबसूरत सुबह फिर से जीवन में रंग लाएगी कुदरत की कर दी जाएगी कमीनी जिंदगी फिर से उमंग तरंग के साथ लौट आएगी सकारात्मक ऊर्जा मन की पवित्रता जीवन में शांति होगी सबकी आज से बेहतर कल की सुबह होगी मन निराश नहीं होगा कभी उम्मीद से भरा होगा सब का दामन खूबसूरत सुबह आएगी अंधकार से प्रकाश की ओर निराशा से उम्मीद की ओर अतीत को भूल कर वर्तमान मैं खुशियां आएंगी वह खूबसूरत सुबह सबके जीवन में आएगी आत्मबल और क्षमता के साथ वह खूबसूरत सुबह आएगी

वो खूबसूरत सुबह आएगी कोरोना जैसी महामारी से मिलेगी मुक्ति गुलजार होगा जीवन खुशियां हर घर में होगी शिविर का होगा नाश किरण की आशा के साथ वो खूबसूरत सुबह आएगी सपने होंगे सच जीवन में आएगी उमंग तरण फूलों के रंग जीवन में सुनोगे खूबसूरत सुबह फिर से आएगी सूरज के जैसा दमके का चेहरा ताजगी भरी हवा सांसो में होगी मुस्कुराती हुई सुबह फिर से लौट आएगी और मोनू की खूबसूरत सुबह फिर से जीवन में रंग लाएगी कुदरत की कर दी जाएगी कमीनी जिंदगी फिर से उमंग तरंग के साथ लौट आएगी सकारात्मक ऊर्जा मन की पवित्रता जीवन में शांति होगी सबकी आज से बेहतर कल की सुबह होगी मन निराश नहीं होगा कभी उम्मीद से भरा होगा सब का दामन खूबसूरत सुबह आएगी अंधकार से प्रकाश की ओर निराशा से उम्मीद की ओर अतीत को भूल कर वर्तमान मैं खुशियां आएंगी वह खूबसूरत सुबह सबके जीवन में आएगी आत्मबल और क्षमता के साथ वह खूबसूरत सुबह आएगी

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